डॉ. बाबासाहेब आम्बेडकर महान अर्थशास्त्री व श्रम नीति के प्रखर जानकार थे — अनिल मेश्राम

समता सुरक्षा सेना ने हर्षोल्लास के साथ मनाई 135वीं जयंती, बड़ी संख्या में जनसमुदाय की उपस्थिति

रमेश गुप्ता दुर्ग। समता सुरक्षा सेना छत्तीसगढ़ द्वारा जिला कलेक्ट्रेट परिसर दुर्ग में स्थापित भीमराव अंबेडकर की आदमकद प्रतिमा के समक्ष उनकी 135वीं जयंती हर्ष और उल्लास के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधि, पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
संविधान देश की अमूल्य धरोहर : अरुण वोरा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अरुण वोरा ने कहा कि डॉ. आम्बेडकर और उनके द्वारा निर्मित भारतीय संविधान देश की सबसे बड़ी धरोहर है, जो सभी नागरिकों को समान अधिकार और न्याय प्रदान करता है।


देश उनके योगदान का ऋणी : धीरज बाकलीवाल
धीरज बाकलीवाल
ने अपने उद्बोधन में कहा कि डॉ. आम्बेडकर द्वारा देशहित में किए गए कार्यों का ऋण भारत कभी नहीं चुका सकता। उनके विचार आज भी समाज को दिशा देने का कार्य कर रहे हैं।
महान अर्थशास्त्री और श्रमिक हितैषी थे आम्बेडकर : अनिल मेश्राम
अखिल भारतीय एससी-एसटी-ओबीसी संयुक्त मोर्चा के राष्ट्रीय सचिव अनिल मेश्राम
ने कहा कि डॉ. आम्बेडकर केवल दलितों के उद्धारक ही नहीं थे, बल्कि वे एक महान अर्थशास्त्री और श्रमिकों के सशक्त नेता भी थे।
उन्होंने श्रमिकों के हित में ऐतिहासिक पहल करते हुए 12 घंटे के कार्यकाल को घटाकर 8 घंटे करने जैसे क्रांतिकारी कदम उठाए।
अम्बेडकरवाद अपनाना ही विकास का मार्ग : कौशल वर्मा
संयुक्त मोर्चा छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष कौशल वर्मा
ने कहा कि ओबीसी वर्ग को जागरूक होकर अंधविश्वास से दूर रहना चाहिए और आम्बेडकरवादी विचारधारा को अपनाना ही उनके समग्र विकास का मार्ग है।
संविधान में समता और सामाजिक सौहार्द का संदेश : डॉ. अरविंद चौधरी
समता सुरक्षा सेना छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष डॉ अरविंद चौधरी ने कहा कि भारतीय संविधान में समता, सुरक्षा, परस्पर प्रेम और मैत्री की भावना निहित है, जो देश के सर्वांगीण विकास की आधारशिला है।
अन्य वक्ताओं ने भी रखे विचार
कार्यक्रम में अल्ताफ अहमद , रत्ना नारमदेव, एनी पीटर, अनिल जोग, रामाराव ढोक, बी.आर. कठाने, रमेश पटेल, पवन दिल्लीवार और एडवोकेट मनोज मून सहित अनेक वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए।
सभी ने डॉ. आम्बेडकर को विश्व के महान विद्वान और समाज सुधारक बताते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
भारी संख्या में लोगों की उपस्थिति
कार्यक्रम में दुर्ग-भिलाई के विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी, बुद्धिजीवी और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे। आयोजन पूरे उत्साह और सामाजिक समरसता के वातावरण में संपन्न हुआ।
समाज में समानता और जागरूकता का संदेश
जयंती समारोह के माध्यम से सामाजिक समानता, जागरूकता और संविधान के मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश दिया गया।

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