हनीट्रैप के जरिए भांजे ने ही रची थी अपहरण की साजिश, पुलिस ने चंद घंटों में सुलझाया मामला

रमेश गुप्ता भिलाई । सनसनीखेज अपहरण मामले का दुर्ग पुलिस ने चंद घंटों में पर्दाफाश करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। हनीट्रैप के माध्यम से रची गई इस साजिश में पीड़ित परिवार का ही परिचित भांजा मास्टरमाइंड निकला। पुलिस ने महिला सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर अपहृत बालक को सकुशल बरामद कर लिया है।
एडिशनल एसपी मणि शंकर चंद्रा ने पत्रकार वार्ता में बताया कि 12 अप्रैल को प्रार्थी द्वारा थाना अमलेश्वर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि उसके नाबालिग पुत्र को मोटरसाइकिल बनवाने के बहाने तिरंगा चौक, अमलेश्वर बुलाया गया, जहां अज्ञात व्यक्तियों ने उसका अपहरण कर लिया। घटना के बाद आरोपियों ने मोबाइल के जरिए संपर्क कर धमकी भी दी।


मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल अमलेश्वर थाना, साइबर सेल एवं एसीसीयू टीम की संयुक्त टीम गठित कर जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल और मुखबिर सूचना के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई। जांच के दौरान आरोपियों की लोकेशन धमतरी जिले में मिलने पर वहां की पुलिस से समन्वय स्थापित किया गया।
संयुक्त टीम ने योजनाबद्ध कार्रवाई करते हुए धमतरी क्षेत्र में दबिश देकर सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया और अपहृत बालक को सुरक्षित मुक्त करा लिया। पूछताछ में सामने आया कि मुख्य आरोपी संजय साहू, जो पीड़ित परिवार का परिचित/भांजा है, ने हेम पुष्पा साहू के माध्यम से हनीट्रैप की योजना बनाई थी। इसके तहत बालक को झांसे में लेकर अन्य साथियों के साथ मिलकर अपहरण की वारदात को अंजाम दिया गया। आरोपियों ने आर्थिक लाभ और फिरौती के उद्देश्य से अपराध करना स्वीकार किया है।
पुलिस ने प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर सभी आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत किया है। आरोपियों के कब्जे से एक सेंट्रो कार और छह मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।
इस पूरी कार्रवाई में थाना अमलेश्वर पुलिस, साइबर सेल, एसीसीयू टीम और धमतरी पुलिस की संयुक्त भूमिका सराहनीय रही। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अपराध पर नियंत्रण के लिए इस तरह की त्वरित और समन्वित कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

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