Kanpur Kidney Racket : कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर में इंसानियत और चिकित्सा जगत को शर्मसार करने वाले एक अंतरराष्ट्रीय किडनी रैकेट का सनसनीखेज भंडाफोड़ हुआ है। कानपुर पुलिस ने एक ऐसे संगठित गिरोह को दबोचा है जो गरीबों की मजबूरी का फायदा उठाकर उनके गुर्दे निकालता था और रईसों को करोड़ों रुपये में बेच देता था। इस मामले में पुलिस ने शहर के नामी अस्पतालों के 6 डॉक्टरों और गिरोह के मास्टरमाइंड, एक एंबुलेंस ड्राइवर को गिरफ्तार किया है।
आठवीं पास ड्राइवर और अमिताभ बच्चन का नाम हैरानी की बात यह है कि इस पूरे गोरखधंधे की कमान आठवीं पास एंबुलेंस ड्राइवर शिवम अग्रवाल के हाथ में थी। शिवम सोशल मीडिया के जरिए ऐसे डोनर्स की तलाश करता था जिन्हें पैसों की सख्त जरूरत होती थी। वह डोनर्स को मानसिक रूप से तैयार करने के लिए बॉलीवुड महानायक अमिताभ बच्चन का उदाहरण देता था। वह लोगों को यह कहकर बरगलाता था कि जब एक किडनी पर बिग बी स्वस्थ रह सकते हैं, तो उन्हें क्या परेशानी होगी।
आधी रात का ‘खूनी’ खेल और नोएडा कनेक्शन पुलिस जांच में सामने आया है कि इस काले साम्राज्य के तार नोएडा, पश्चिम बंगाल और नेपाल तक जुड़े हैं। नोएडा का डॉ. रोहित इस गैंग का मुख्य खिलाड़ी बताया जा रहा है, जो अपनी टीम के साथ फ्लाइट या चार्टर्ड प्लेन से लखनऊ पहुंचता था। कानपुर के अस्पतालों में जिस रात ट्रांसप्लांट होना होता था, उस रात स्टाफ को छुट्टी दे दी जाती थी और सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए जाते थे। पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल के मुताबिक, एक किडनी का सौदा 60 लाख से 1 करोड़ रुपये के बीच होता था, जबकि डोनर को महज 8 से 10 लाख रुपये ही दिए जाते थे।
अस्पताल सील, 6 डॉक्टर गिरफ्तार पुलिस ने इस मामले में अहूजा नर्सिंग होम की मालकिन डॉ. प्रीति आहूजा, उनके पति डॉ. सुरजीत आहूजा समेत डॉ. राजेश, डॉ. नरेंद्र, डॉ. रामप्रकाश और डॉ. कुलदीप को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने अवैध सर्जरी को छिपाने के लिए कागजों में उसे ‘पथरी का ऑपरेशन’ दिखाया था। पुलिस ने फिलहाल ‘आरोही अस्पताल’ को सील कर दिया है और फरार आरोपियों पर 25,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया है। पुलिस अब इस गैंग की अवैध संपत्ति कुर्क करने की तैयारी कर रही है।