भोपाल में शौर्य गाथा एवं शौर्य अलंकरण समारोह संपन्न, वीरों का सम्मान और स्मारिकाओं का विमोचन

भोपाल, 11 अप्रैल 2026

राजधानी भोपाल के रवीन्द्र भवन में शनिवार शाम शौर्य गाथा एवं शौर्य अलंकरण 2026 का गरिमामय आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। शौर्य फाउंडेशन और आज की जनधारा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस समारोह में वीरता, राष्ट्रभक्ति और बलिदान की गाथाएं जीवंत हो उठीं। कार्यक्रम में भारतीय सशस्त्र बलों, केंद्रीय पुलिस बलों और मध्य प्रदेश पुलिस के जांबाज जवानों को उनके अदम्य साहस के लिए शौर्य अलंकरण से सम्मानित किया गया। साथ ही, शहीदों के परिजनों को भी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

वीरों की गाथाएं राष्ट्र के भविष्य की प्रेरणा: डॉ. दीपक वोहरा

समारोह के मुख्य अतिथि प्रख्यात राजनयिक डॉ. दीपक वोहरा ने अपने उद्बोधन में कहा कि वीरों की गाथाएं केवल अतीत की स्मृतियां नहीं, बल्कि राष्ट्र के भविष्य की दिशा तय करने वाली प्रेरणाएं हैं। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित मध्य प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि हमारे वीर जवानों का साहस ही राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति है, जिससे नई पीढ़ी को सीख लेनी चाहिए।

शहीद मेजर पद्मपाणि आचार्य की शौर्य गाथा ने किया भावविभोर

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण शहीद मेजर पद्मपाणि आचार्य (महावीर चक्र) के पराक्रम पर आधारित शौर्य गाथा की प्रस्तुति रही। लेफ्टिनेंट कर्नल मनोज कुमार सिन्हा ने इसे अत्यंत प्रभावशाली शैली में प्रस्तुत किया, जिससे पूरा सभागार देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत हो गया। इस अवसर पर शहीद की धर्मपत्नी चारुलता आचार्य की उपस्थिति ने वातावरण को और भी भावनात्मक बना दिया।

हमारा विरसा हमारी विरासत श्रृंखला का लोकार्पण

समारोह के दौरान अतिथियों द्वारा हमारा विरसा हमारी विरासत श्रृंखला के अंतर्गत दो महत्वपूर्ण पुस्तकों का विमोचन किया गया:

  1. अमर बलिदानी और स्वतंत्रता सेनानी (खंड-एक): इस स्मारिका में छत्तीसगढ़ की वीरभूमि के ज्ञात-अज्ञात शहीदों और बलिदानियों की प्रेरणादायक गाथाओं को संकलित किया गया है।
  2. संत परंपरा और समाज सुधार (भाग-दो): यह खंड छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक समरसता स्थापित करने वाले संतों और समाज सुधारकों के योगदान पर आधारित है।

इन स्मारिकाओं का प्रकाशन आज की जनधारा द्वारा किया गया है, जिसका उद्देश्य इतिहास के उन पन्नों को नई पीढ़ी के सामने लाना है जो समय के साथ ओझल हो रहे थे।

राष्ट्रहित सर्वोपरि: सुभाष मिश्र

आज की जनधारा के प्रधान संपादक सुभाष मिश्र ने अपने संबोधन में कहा कि शौर्य केवल रणभूमि तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हर उस व्यक्ति में है जो राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखता है। उन्होंने बताया कि पिछले 35 वर्षों से रायपुर से प्रकाशित आज की जनधारा अब भोपाल, बिलासपुर और जगदलपुर से भी निरंतर विस्तार कर रहा है।

समारोह के अंत में शौर्य फाउंडेशन के अध्यक्ष अंशुमन खरे ने सभी अतिथियों और नागरिकों का आभार व्यक्त किया। यह आयोजन वीरता, सेवा और सामाजिक चेतना के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देने में सफल रहा।

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