नौकरियों पर मंडराया डिजिटल खतरा: अब आ गए ‘AI कर्मचारी’, 24 घंटे बिना थके करेंगे काम

नई दिल्ली: आने वाले समय में दफ्तरों का नजारा पूरी तरह बदलने वाला है। अब तक हम जिन मशीनों को केवल ‘चैटबॉट’ या ‘सॉफ्टवेयर’ समझते थे, वे अब आपके बगल वाली सीट पर बैठकर काम करने वाले ‘डिजिटल सहकर्मी’ बनने जा रहे हैं। टेक जगत में ‘AI वर्कर’ या ‘AI कर्मचारी’ का चलन तेजी से बढ़ रहा है, जो इंसानों की तरह सोच सकते हैं, फैसले ले सकते हैं और बिना छुट्टी लिए साल के 365 दिन काम कर सकते हैं।

क्या हैं ये ‘AI कर्मचारी’ और कैसे करते हैं काम?
साधारण चैटबॉट्स सिर्फ आपके सवालों के जवाब देते हैं, लेकिन ये नए ‘AI एम्प्लॉई’ आपकी रिक्वेस्ट को समझते हैं, उसे छोटे-छोटे हिस्सों में बांटते हैं और काम पूरा होने तक ईमेल, कैलेंडर और अन्य टूल्स का इस्तेमाल करते हैं।

इनकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इनकी अपनी एक पहचान (Identity) होती है। ये कंपनी के पुराने फैसलों, क्लाइंट डेटा और टीम की बातचीत को याद रखते हैं। ये सिर्फ काम ही नहीं करते, बल्कि मीटिंग्स में शामिल हो सकते हैं और भविष्य की रणनीतियां (Strategies) भी बना सकते हैं।

मैदान में उतर चुके हैं ये डिजिटल दिग्गज
बाजार में कई ऐसे AI वर्कर्स आ चुके हैं जो इंसानों की जगह लेने को तैयार हैं:

Devin: इसे दुनिया का पहला AI सॉफ्टवेयर इंजीनियर कहा जा रहा है, जो खुद कोड लिखता है और उसे चलाता भी है।

Manus: मेटा द्वारा अधिग्रहित यह AI एजेंट रिसर्च और प्लानिंग में माहिर है।

Harvey: यह कानूनी पेचीदगियों को सुलझाने और कॉन्ट्रैक्ट रिव्यू करने वाला डिजिटल वकील है।

Junior: यह एक नया AI कर्मचारी है जो कंपनी के वर्कफ्लो और क्लाइंट डेटा को पूरी तरह याद रखकर टीम के साथ मिलकर काम करता है।

कंपनियों की बढ़ती दिलचस्पी और छंटनी का डर
ओरेकल (Oracle) और माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी कंपनियां पहले ही AI में भारी निवेश कर रही हैं। कंपनियों के लिए AI कर्मचारी ‘परफेक्ट’ साबित हो रहे हैं क्योंकि:

नो ब्रेक, नो लीव: ये 24 घंटे नॉन-स्टॉप काम कर सकते हैं।

सटीकता: इनमें मानवीय गलतियों की गुंजाइश न के बराबर होती है।

कम लागत: एक बार निवेश के बाद ये लंबी छुट्टी या वेतन वृद्धि की मांग नहीं करते।

क्या सच में चली जाएंगी नौकरियां?
विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनियां सीधे तौर पर तो नहीं कह रही हैं, लेकिन धीरे-धीरे नई भर्तियों में कमी आ रही है। जहाँ पहले किसी प्रोजेक्ट के लिए 10 लोगों की जरूरत होती थी, अब वही काम 2 लोग AI टूल्स की मदद से कर ले रहे हैं। टेक इंडस्ट्री में हाल ही में हुई बड़ी छंटनी के पीछे कहीं न कहीं AI को एक मुख्य कारण माना जा रहा है। आने वाले समय में इंसानों को इन मशीनों के साथ तालमेल बिठाने के लिए खुद को और अधिक कुशल (Upskill) बनाना होगा।

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