नई दिल्ली। सनातन धर्म में शनि देव को न्याय का देवता और कर्मफल दाता माना गया है। मान्यता है कि शनि देव व्यक्ति को उसके कर्मों के आधार पर फल प्रदान करते हैं। आज 4 अप्रैल 2026, शनिवार के दिन कुछ विशेष उपायों को अपनाकर आप न केवल शनि देव की कृपा प्राप्त कर सकते हैं, बल्कि कुंडली में चल रही साढ़ेसाती और ढैय्या के नकारात्मक प्रभावों को भी कम कर सकते हैं।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनि देव की टेढ़ी नजर से बचने और जीवन में सुख-समृद्धि लाने के लिए शनिवार का दिन बेहद महत्वपूर्ण होता है। यदि आप करियर में बाधाओं या मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं, तो नीचे दिए गए 5 कार्य आपके लिए लाभकारी सिद्ध हो सकते हैं:
- शनि मंदिर में तैल अभिषेक: शनिवार के दिन शनि मंदिर जाकर शनि देव की प्रतिमा पर सरसों का तेल अर्पित करें। ऐसा करने से जीवन में स्थिरता आती है और शनि दोष से राहत मिलती है।
- हनुमान चालीसा का पाठ: पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जो भक्त हनुमान जी की शरण में रहते हैं, शनि देव उन्हें कभी प्रताड़ित नहीं करते। शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ करने से साढ़ेसाती का प्रभाव क्षीण हो जाता है।
- जरूरतमंदों की सहायता और दान: शनि देव को ‘दीन-हीन’ का रक्षक माना जाता है। इस दिन गरीबों को काले जूते, काला छाता, लोहे के बर्तन या भोजन दान करने से शनि देव अत्यंत प्रसन्न होते हैं। मजदूरों को पानी पिलाना भी विशेष फलदायी है।
- पीपल और शमी वृक्ष की सेवा: सूर्यास्त के बाद पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और सात बार परिक्रमा करें। साथ ही शमी के पौधे में जल अर्पित करने से घर की कलह दूर होती है और आर्थिक लाभ के मार्ग खुलते हैं।
- मंत्र साधना: शनि देव की कृपा पाने के लिए ‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’ मंत्र का जाप करें। यह मंत्र मानसिक शांति प्रदान करने के साथ-साथ आपके आत्मविश्वास में वृद्धि करता है।
इन सरल उपायों को श्रद्धापूर्वक करने से शनि देव की क्रूर दृष्टि शांत होती है और जातकों को उनके कठिन समय में संबल प्राप्त होता है।