उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी रोकने कृषि विभाग की कवायद
राजकुमार मल
भाटापारा-बलौदा बाजार- कड़ी नजर रेक प्वाइंटों पर। नियमित निरीक्षण भंडार गृहों और विक्रेता संस्थानों का। वितरण व्यवस्था पर भी नजर रहेगी। इसके बाद भी यदि उर्वरक की कालाबाजारी, जमाखोरी और ब्लैक में बेचने की शिकायतें प्रमाणित हुईं, तो सीधे एफ आई आर की जाएगी।
खरीफ सत्र 2026 के लिए कृषि विभाग ने तैयारी चालू कर दी है। जिला उड़न दस्ता टीम के गठन के बाद अब सख्ती की शुरुआत उस रेक प्वाइंटों से की जा रही है, जहां उर्वरकों का आना और वितरण चालू हो चला है।

औचक निरीक्षण, नियमित जांच
जिला उड़न दस्ता टीम को रेक पॉइंट, भंडार गृहों और उर्वरक विक्रय करने वाली संस्थानों के औचक निरीक्षण के सख्त आदेश दिए गए हैं जबकि नियमित जांच उर्वरक विक्रय करने वाले केंद्रों की करनी होगी। वितरण व्यवस्था पर भी नजर रखने के निर्देश साथ-साथ जारी किये गए हैं। इस काम में उड़न दस्ता टीम को सहयोग के निर्देश वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारियों को दिए गए हैं।
हर सप्ताह देनी होगी रिपोर्ट
औचक जांच, निरीक्षण और अन्य सभी कार्रवाइयों की रिपोर्ट हर सप्ताह प्रति बुधवार को मुख्यालय भेजनी होगी। जिसके आधार पर व्यवस्था में और भी सुधार किए जाएंगे। समय-समय पर अपने-अपने क्षेत्र के किसानों से भी संपर्क करने के निर्देश जारी किए गए हैं ताकि आने वाली समस्या का निपटान समय रहते किया जा सके।
…तो एफ आई आर
जमाखोरी, कालाबाजारी और अधिक मूल्य पर विक्रय सहित अन्य अनियमितता जांच के दौरान यदि प्रमाणित हुई तो उर्वरक (नियंत्रण) आदेश- 1985 के प्रावधानों के तहत आवश्यक कार्रवाई के साथ संबंधित के खिलाफ एफ आई आर करवाने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। इस सख्त आदेश के बाद उर्वरकों में ओवर रेट जैसी शिकायतों में कमी आने की संभावना है।
शिकायतों में आएगी कमी
औचक जांच और नियमित निरीक्षण से उर्वरकों की जमाखोरी, कालाबाजारी और ओवर रेट पर विक्रय जैसी शिकायतों पर काफी हद तक लगाम कसी जा सकेगी। विस्तृत आदेश की प्रतीक्षा कर रहें हैं।
-अवधेश उपाध्याय, उर्वरक निरीक्षक,
बलौदाबाजार