एमसीबी/01 अप्रैल 2026/ जिले में प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने और जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण के उद्देश्य से कलेक्टर डी. राहुल वेंकट ने वर्चुअल माध्यम से समस्त विभागों की समय-सीमा समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समय पर पहुंचना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक के दौरान कलेक्टर ने शासकीय योजनाओं, जिला खनिज न्यास मद से स्वीकृत एवं प्रगतिरत कार्यों, लंबित प्रकरणों तथा प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री पोर्टल, जनदर्शन और ई-शिकायत पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी विभागों को निर्देशित किया कि जन शिकायतों का निराकरण एक सप्ताह के भीतर अनिवार्य रूप से किया जाए, अन्यथा संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
न्यायालयीन प्रकरणों को लेकर कलेक्टर ने विशेष गंभीरता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में कलेक्टर या विभाग पक्षकार हैं, उनमें अद्यतन जानकारी समय पर प्रस्तुत की जाए तथा सभी सूचनाएं व्यवस्थित रूप से संकलित कर नियमित रूप से उपलब्ध कराई जाएं। अमृत धारा योजना के अंतर्गत लंबित भुगतान की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने संबंधित विभागों को भुगतान प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही ऑनलाइन अटेंडेंस प्रणाली का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने और पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया।
स्किल डेवलपमेंट के कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने युवाओं को अधिक से अधिक रोजगारपरक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। इसके अलावा सभी विभागों को एक सप्ताह के भीतर रिक्त एवं भरे पदों की जानकारी प्रस्तुत करने को कहा गया, जिससे मानव संसाधन प्रबंधन को सुदृढ़ किया जा सके।
बैठक में रेलवे परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम सहित सभी विभागों को रोस्टर, अनुकंपा नियुक्ति एवं रिक्त पदों से संबंधित जानकारी समयबद्ध रूप से संचालनालय एवं जिला मुख्यालय को भेजने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने अंत में कहा कि समय-सीमा में कार्य पूर्ण करना ही सुशासन की पहचान है और सभी अधिकारी इसे सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
समाचार क्रमांक/01/लोकेश/