बिलासपुर। न्यायधानी बिलासपुर के विमानन इतिहास में आज एक सुनहरा अध्याय जुड़ गया है। बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट (चकरभाठा) से बहुप्रतीक्षित रात्रिकालीन विमान सेवा (Night Flight Service) का औपचारिक आगाज हो गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नाइट ऑपरेशन्स का लोकार्पण किया और इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनते हुए वे खुद प्रदेश की पहली नाइट फ्लाइट से रायपुर के लिए रवाना हुए। उनके साथ विधायक धर्मजीत सिंह भी मौजूद रहे।
31 करोड़ की लागत से बदला एयरपोर्ट का चेहरा
बिलासपुर एयरपोर्ट को अब तकनीकी रूप से काफी उन्नत बना दिया गया है। इसे 3C VFR श्रेणी से अपग्रेड कर 3C IFR श्रेणी में लाने के लिए शासन ने 31 करोड़ 1 लाख रुपये खर्च किए हैं। इस बड़े बदलाव के बाद ही डीजीसीए (DGCA) ने 6 फरवरी 2026 को रात में विमानों के संचालन की अंतिम अनुमति दी थी। लोकार्पण समारोह की अध्यक्षता केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने की।
इमरजेंसी और मेडिकल सेवाओं में मिलेगी बड़ी मदद
जनता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह उपलब्धि तकनीकी टीम और स्थानीय प्रशासन की कड़ी मेहनत का नतीजा है। उन्होंने बिलासपुर के नागरिकों और जनप्रतिनिधियों के लंबे संघर्ष को याद करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि नाइट फ्लाइट शुरू होने से न केवल व्यापार और पर्यटन को गति मिलेगी, बल्कि आपातकालीन स्थिति में मेडिकल फ्लाइट्स भी रात में लैंड और टेक-ऑफ कर सकेंगी, जिससे गंभीर मरीजों को एयरलिफ्ट करना आसान होगा।
सकार हो रहा प्रधानमंत्री का सपना
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प— ‘हवाई चप्पल पहनने वाला भी हवाई सफर करेगा’—अब छत्तीसगढ़ में धरातल पर उतर रहा है। उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट के विस्तार के लिए रक्षा मंत्रालय से जमीन मिल चुकी है और आने वाले समय में यहां सुविधाओं का और अधिक विस्तार किया जाएगा।