शोभायात्राएं, झांकियां, लेजर शो और धर्मसभा का भव्य आयोजन, समाज को एकजुट करने का संदेश
रमेश गुप्ता भिलाई। श्रीराम जन्मोत्सव समिति, भिलाई द्वारा आयोजित श्रीरामनवमी महोत्सव के 41वें वर्ष में इस्पातनगरी पूरी तरह भगवामय हो उठी। चारों दिशाओं से हजारों की संख्या में रामभक्त भगवा ध्वज और ‘जय श्रीराम’ के उद्घोष के साथ श्रीरामलीला मैदान, पावर हाउस पहुंचे। श्रद्धा, उत्साह और भक्ति से ओतप्रोत इस आयोजन में जनसहयोग से बने महाप्रसाद का वितरण किया गया, जिसे हजारों श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रभु श्रीराम के तैलचित्र पर दीप प्रज्ज्वलन से हुआ, जिसके बाद सामूहिक रूप से श्रीहनुमान चालीसा का पाठ किया गया। विभिन्न प्रखंडों से निकली भव्य शोभायात्राएं एवं आकर्षक स्वचलित झांकियां सभास्थल पहुंचीं। इस दौरान लेजर लाइट शो और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
धर्मसभा में गूंजा राम के आदर्शों का संदेश

मुख्य वक्ता बाल योगेश्वर राम बालक दास महात्यागी (श्री पाटेश्वर धाम, बालोद) ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह आयोजन केवल उत्सव नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन राष्ट्रभक्ति, त्याग और मर्यादा का सर्वोच्च उदाहरण है। “रामनवमी हमें यह प्रेरणा देती है कि हम केवल बाहरी बुराइयों को नहीं, बल्कि अपने भीतर की कमजोरियों को भी दूर करें,” उन्होंने कहा।
संस्कृति और एकता का प्रतीक: गजेंद्र यादव
कार्यक्रम में उपस्थित केबिनेट मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि 41 वर्षों से निरंतर चल रहा यह आयोजन हमारी संस्कृति और परंपरा का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि समाज की एकजुटता ही इस आयोजन की सबसे बड़ी शक्ति है, जहां हर वर्ग और हर आयु के लोग अपनी भागीदारी निभाते हैं।

1986 से शुरू हुआ कारवां बना सांस्कृतिक धरोहर
समिति के संरक्षक एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमप्रकाश पाण्डेय ने बताया कि वर्ष 1986 में शुरू हुआ यह आयोजन आज एक विशाल जनआंदोलन का रूप ले चुका है। “भिलाई, जिसे लघु भारत कहा जाता है, वहां हर वर्ग और समुदाय के सहयोग से यह परंपरा निरंतर आगे बढ़ी है,” उन्होंने कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि समिति का उद्देश्य केवल मंदिर निर्माण नहीं, बल्कि सनातन एकता और राम के आदर्शों को घर-घर तक पहुंचाना है।
राम का चरित्र मानवता के लिए आदर्श: डॉ. हिमांशु द्विवेदी
वरिष्ठ पत्रकार डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने कहा कि भगवान श्रीराम का चरित्र केवल धार्मिक नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि यदि हम राम के आदर्शों को जीवन में उतार लें, तो समाज में सकारात्मक बदलाव संभव है।
युवाओं की भागीदारी से मजबूत हुआ आयोजन
समिति के युवा विंग अध्यक्ष मनीष पांडे ने बताया कि समिति ने इस वर्ष 1 लाख परिवारों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा था, जिसके तहत घर-घर से अन्न संग्रह कर महाप्रसाद तैयार किया गया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल उत्सव नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने का संकल्प है।
महाप्रसाद में उमड़ा जनसैलाब
‘एक मुट्ठी दान, श्रीराम के नाम’ अभियान के तहत भिलाईवासियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। घर-घर से संग्रहित अन्न से बने महाप्रसाद को ग्रहण करने हजारों श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। आयोजन में सभी प्रखंडों से भव्य झांकियां और शोभायात्राएं आकर्षण का केंद्र रहीं।