1 अप्रैल से कागज वाले चालान पर पूर्ण प्रतिबंध, जानें अब कैसे होगा भुगतान!

रायपुर | छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और हाईटेक बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। आगामी 1 अप्रैल से प्रदेश भर में मैनुअल तरीके से चालान जमा करने की पुरानी प्रक्रिया को पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा। अब नागरिकों और विभागों को केवल ऑनलाइन माध्यम (ई-चालान) से ही भुगतान करना होगा।कोषालयों में अब सिर्फ ऑनलाइन एंट्रीराज्य सरकार के नए नियमों के मुताबिक, जिला कोषालयों में अब कागजी चालान स्वीकार नहीं किए

जाएंगे। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य सरकारी लेनदेन में होने वाली मानवीय गलतियों को शून्य करना और प्रक्रिया को तेज बनाना है। नई व्यवस्था के तहत, ई-कोष पोर्टल के जरिए चालान जनरेट किए जाएंगे, जिससे डेटा सीधे संबंधित बैंक को ऑनलाइन ट्रांसफर हो जाएगा।अफसरों और वेंडर्स को दी गई ट्रेनिंगइस बड़े बदलाव के लिए सोमवार को रायपुर के शासकीय कन्या पॉलीटेक्निक (बैरनबाजार) में एक दिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। जिला कोषालय अधिकारी गजानन पटेल ने आहरण संवितरण अधिकारियों (DDO), स्टांप वेंडर्स और बैंक प्रतिनिधियों को ‘ओवर द काउंटर’ (OTC) ऑनलाइन चालान जमा करने की बारीकियों से अवगत कराया।”मैनुअल सिस्टम में अक्सर मद (Head) के चुनाव में गलतियाँ होती थीं, जिससे ऑडिट और मिलान में दिक्कत आती थी। ऑनलाइन व्यवस्था से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि बैंकों और कोषालय के बीच तालमेल भी बेहतर होगा।”— गजानन पटेल, जिला कोषालय अधिकारीनई व्यवस्था के मुख्य फायदे:पारदर्शिता: हर लेनदेन का डिजिटल रिकॉर्ड रहेगा।त्रुटिहीन प्रक्रिया: सही बजट हेड का चुनाव करना आसान होगा, जिससे गलत हेड में पैसा जमा होने की समस्या खत्म होगी।समय की बचत: चालान का डेटा तत्काल बैंकों को प्राप्त हो जाएगा।ऑनलाइन ट्रैकिंग: पोर्टल के माध्यम से भुगतान की स्थिति कभी भी जांची जा सकेगी।निष्कर्ष: छत्तीसगढ़ शासन का यह कदम ‘डिजिटल इंडिया’ अभियान को मजबूती देने के साथ-साथ आम जनता के लिए सरकारी कामकाज को अधिक सुलभ बनाने वाला साबित होगा। 1 अप्रैल के बाद किसी भी प्रकार के सरकारी भुगतान के लिए नागरिकों को ऑनलाइन पोर्टल का ही रुख करना होगा।

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