राधे कृष्ण आइल प्लांट के सामने आदेश के सवा महीने बाद भी आज तक क्रासिंग बंद नहीं किया गया

0 आंदोलन की तिथि कल 25 को हो रही खत्म 0 0एसडीएम व सीएमओ के आदेश की ठेकेदार के रहा अनदेखा 0दिलीप गुप्तासरायपाली। बैतारी स्थित राधे कृष्णा आइल प्लांट के सामने अनावश्यक व खतरनाक ढंग से छोड़े गए क्रासिंग को एसडीएम व सीएमओ द्वारा ठेकेदार को आदेश दिए जाने के सवा महीने बाद भी बंद नहीं किया जाना एक ओर प्रशासनिक आदेश की ठेकेदार द्वारा अवहेलना किया जाने के साथ ही घोर लापरवाही बरते जाने का यह एक नमूना है ।

इस संबंध में उक्त क्रासिंग से हो रही परेशानियों व संभावित दुर्घटनाओं की आशंका से संबंधित कई बार समाचार प्रकाशन कर प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया गया था किंतु इस संबंध में संबंधित अधिकारियों की चुप्पी भी संदेहास्पद है । क्रासिंग को बंद किए जाने की मियाद कल 25 मार्च को समाप्त हो रही है उसके बाद ग्रामीणजनों द्वारा आंदोलन किए जाने की सूचना एसडीएम को 18 मार्च को दे दी गई थी । ज्ञातव हो कि ठेकेदार द्वारा क्रासिंग को डिवाइडर निर्माण के बंद किए जाने के स्थान पर क्रासिंग के किनारे 3 बड़े बड़े सीमेंट का पत्थर लगाकर अस्थाई तौर पर क्रासिंग को छोटा किए जाने का असफल प्रयास किया जा रहा है

जबकि इस क्रासिंग को डिवाइडर बनाकर बंद किया जाना है । इस प्रकरण में संबंधित नगरपालिका की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं । शिकायत कर्ता ने बताया कि ठेकेदार द्वारा कहा गया है कि मुझे विलंब से आदेश मिला है इसलिए मैं विलंब से कार्य करूंगा । वहीं नगर में चर्चा है कि प्लांट व ठेकेदार एक दूसरे के रिश्तेदार हैं संभवत यही कारण होने के कारण प्लांट को व्यवसायिक फायदे व सुविधाओं का फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से भी क्रासिंग को बंद किए जाने में ठेकेदार द्वारा कहीं लापरवाही तो नहीं बरती जा रही है ? संभव है इसके पीछे स्थानीय नगरपालिका के जनप्रतिनिधियों का भी सहयोग हो सकता है !

राधे कृष्ण आयल मिल के सामने छोड़े गए क्रासिंग को बंद नहीं किए जाने हेतु गौरवपथ ठेकेदार द्वारा किस तरह एक प्रशासनिक अधिकारी व सीएमओ के आदेश की धज्जियां उड़ाई जा रही है इसका प्रत्यक्ष उदाहरण राधे कृष्ण आयल मिल के सामने बने अवैध व अनावश्यक क्रासिंग को आज सवा महीने बाद भी बंद नहीं किए जाना यह स्पष्ट प्रमाण है । ज्ञातव्य हो कि क्रासिंग बंद किए जाने की लगातार समाचार प्रकाशन व शिकायतों के बाद जांच उपरांत विगत 12/2/26 को एसडीएम अनुपमा आनंद द्वारा सीएमओ दिनेश यादव को क्रासिंग बंद किए जाने से संबंधित आदेश दिया गया था । जिसके परिपालन में सीएमओ द्वारा 18/2/26 को संबंधित ठेकेदार को क्रासिंग बंद किए जाने का आदेश दिया गया था । किंतु एक माह बाद भी जब क्रासिंग बंद नही किया गया तो शिकायत कर्ता द्वारा पुनः 18/3/26 को एसडीएम को एक सप्ताह के अंदर बंद नहीं किए जाने की चेतावनी के साथ आंदोलन किए जाने संबंधित पत्र सौंपा गया था ।। जिसका अंतिम दिन कल 25 मार्च को समाप्त हो रहा है । इस बीच ठेकेदार द्वारा उक्त क्रासिंग में 3 बड़े बड़े सीमेंट के पत्थर लगा दिया गया है ताकि क्रासिंग छोटा दिखे । ठेकेदार व संबंधित जनप्रतिनिधियों के व्यवहार से ऐसा लगता है कि वे प्लांट से संबंध निभाने के चक्कर में आम जनता के जान से खेलने का खतरा मोल ले रहे हैं तो वहीं एक प्रशासनिक व विभागीय अधिकारियों के बंद किए जाने के स्पष्ट आदेशों की घोर अवहेलना है । ठेकेदार के इस कृत्य से प्रशासनिक व विभागीय अधिकारियों की छवि भी आम जनता व विभाग में धूमिल हो रही है उनकी प्रशासनिक क्षमताओं पर भी सवाल उठाए जाएंगे ।। जिसके परिणाम स्वरूप अन्य कोई भी अधीनस्थ अधिकारी हो या आम जनता एक जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों के आदेश के परिपालन में कोताही बरती जाएगी तो प्रशासनिक दबाव का संदेश भी प्रभावित होगा व ऐसे आदेशों को नजरअंदाज किए जाने की संख्याओं में बढ़ोतरी भी होगी । इस संबंध में एसडीएम व सीएमओ को तत्काल संज्ञान में लेते हुवे उक्त ठेकेदार पर आदेशों की अवहेलना किए जाने संबंधित कार्यवाही करनी चाहिए व तत्काल प्रभाव से उक्त क्रासिंग को डिवाइडर निर्माण के बंद किए जाने का कठोर आदेश दिया जाना चाहिए ।

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