बिहान’ से जुड़कर संवर रही ग्रामीण महिलाओं की आजिविकाउन्नत खेती से शीला राजवाड़े बनीं लखपति दीदी ।

सफलता की कहानी

( अम्बिकापुर ) प्रदेश सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य से संचालित ( छत्तीसगढ़ ) राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) ग्रामीण अंचलों में महिलाओं के जीवन में नई रोशनी ला रही है। सरगुजा जिले में इस योजना के माध्यम से हजारों महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से सुदृढ़ हो रही हैं, बल्कि समाज में अपनी एक नई पहचान भी बना रही हैं। इसी कड़ी में अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम पंचायत आमदरहा की शीला राजवाड़े की सफलता की कहानी अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।

संघर्ष से सफलता तक का सफर
वरदान महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्य श्रीमती शीला राजवाड़े बताती हैं कि समूह से जुड़ने से पहले उनका जीवन काफी संघर्षपूर्ण था। पति के पास नियमित रोजगार न होने के कारण परिवार की आर्थिक स्थिति दयनीय थी और छोटी-छोटी जरूरतों के लिए उन्हें दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था।

60 हजार के ऋण से शुरू की उन्नत खेती
शीला ने बताया कि वर्ष 2023 में ’बिहान’ योजना से जुड़ने के बाद उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया। उन्हें समूह के माध्यम से 60 हजार रुपये का प्रारंभिक ऋण प्राप्त हुआ, जिसे उन्होंने उन्नत सब्जी उत्पादन में निवेश किया। आज वह बड़े पैमाने पर लौकी, करेला और बैंगन जैसी सब्जियों की मिश्रित खेती कर रही हैं। इससे उन्हें न केवल नियमित आय प्राप्त हो रही है, बल्कि वे अपने घर का खर्च भी स्वयं वहन कर रही हैं।

जिम्मेदारी और नेतृत्व
अपनी कार्यकुशलता और समर्पण के कारण शीला को समूह में वी.ओ.ए. के पद की जिम्मेदारी भी मिली है। वे अब गाँव की अन्य महिलाओं को भी सरकारी योजनाओं का लाभ लेने और समूह से जुड़ने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

शासन की योजनाओं के प्रति जताया आभार
अपनी सफलता का श्रेय प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की कल्याणकारी योजनाओं को देते हुए शीला ने कहा कि बिहान योजना ने महिलाओं को चौखट से बाहर निकलकर उद्यमी बनने का अवसर दिया है। उन्होंने जिले की अन्य दीदियों से भी अपील की है कि वे समूहों से जुड़कर आत्मनिर्भर बनें और परिवार की प्रगति में सहभागी बनें।

हिंगोरा सिंह – सरगुजा

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