महाकालेश्वर मंदिर परिसर में स्थित महानिर्वाणी अखाड़ा की महंत गादी को लेकर अहम फैसला लिया गया है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की बैठक में निर्णय लिया गया कि महंत विनीत गिरी महाराज ही गादी पर बने रहेंगे और आगामी भस्मारती में महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग पर भस्म चढ़ाने का कार्य भी उन्हीं के नेतृत्व में होगा।
बैठक में लिया गया निर्णय
यह फैसला अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी महाराज की अध्यक्षता में लिया गया। बैठक में महंत जमना पुरी, महंत रमेश गिरी, मृत्युंजय भारती, मनोज गिरी, महंत प्रेमपुरी, दिगंबर करण गिरी और दिगंबर गोपाल गिरी सहित अखाड़े के अन्य पंच शामिल थे।
महंत विनीत गिरी महाराज ने पहले स्वास्थ्य कारणों से पद से हटने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन पंचों ने बाबा महाकाल की परंपरा और इच्छानुसार उन्हें गादी पर बने रहने का निर्णय लिया।
भस्मारती और आगामी कुंभ मेला
महाकालेश्वर मंदिर में होने वाली भस्मारती में केवल श्री पंचायती महा निर्वाणी अखाड़े के गादीपति ही भस्म चढ़ाते हैं। इस वर्ष और आगामी सिंहस्थ महाकुंभ 2028 के दौरान भी महंत विनीत गिरी महाराज की अगुवाई में सभी धार्मिक और विकास कार्य होंगे।
कुंभ मेला और विकास कार्य
अखाड़ा परिषद ने कहा कि विकास कार्यों और मेला प्रबंधन के लिए समय-समय पर बैठकें होती रहेंगी। महंत रवींद्र पुरी ने बताया कि अखाड़ा प्रशासन पूरे सहयोग के साथ सरकार के निर्माण कार्यों और आयोजन की तैयारियों में शामिल है।
इस निर्णय के साथ ही महंत विनीत गिरी महाराज की गादी और भस्मारती परंपरा में निरंतरता बनी रहेगी, जिससे मंदिर और श्रद्धालुओं के बीच स्थिरता और विश्वास कायम रहेगा।