मथुरा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इन दिनों ब्रज की भक्ति और शक्ति के रंग में डूबी नजर आ रही हैं। अपने तीन दिवसीय दौरे के दूसरे दिन, शनिवार को उन्होंने मथुरा के प्रसिद्ध गिरिराज गोवर्धन पर्वत की 21 किलोमीटर लंबी परिक्रमा पूरी की। इस दौरान उनके साथ उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी मौजूद रहीं। राष्ट्रपति ने गोवर्धन के ‘दान घाटी’ मंदिर पहुंचकर गिरिराज महाराज की विशेष पूजा-अर्चना की और देश की सुख-समृद्धि की कामना की।
संत प्रेमानंद महाराज से मिला आध्यात्मिक मार्गदर्शन इससे पहले शुक्रवार को राष्ट्रपति वृंदावन स्थित ‘केली कुंज’ आश्रम पहुंची थीं। वहां उन्होंने प्रख्यात संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन किए और उनका सत्संग सुना। सत्संग के बाद राष्ट्रपति और संत प्रेमानंद महाराज के बीच एकांत में लंबी चर्चा हुई। इस वार्तालाप के दौरान अध्यात्म, निस्वार्थ सेवा और जन कल्याण जैसे गूढ़ विषयों पर विचार साझा किए गए। राष्ट्रपति ने संत समाज की सराहना करते हुए कहा कि देश की सांस्कृतिक विरासत को अक्षुण्ण रखने में संतों का योगदान अतुलनीय है।
प्रेम मंदिर की भव्यता ने मोहा मन अपने दौरे की शुरुआत में गुरुवार को राष्ट्रपति ने वृंदावन के भव्य ‘प्रेम मंदिर’ के दर्शन किए थे। वहां उन्होंने श्रीराधाकृष्ण के युगल विग्रह की आरती उतारी। मंदिर का विश्वप्रसिद्ध ‘लेजर शो’ देखकर राष्ट्रपति मंत्रमुग्ध हो गईं और उन्होंने इसकी तकनीक व सुंदरता की जमकर प्रशंसा की।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम राष्ट्रपति के प्रवास को देखते हुए पूरे मथुरा-वृंदावन क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात है और मंदिरों के प्रवेश द्वारों पर वीआईपी प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है। राष्ट्रपति का यह दौरा पूरी तरह से आध्यात्मिक और सादगी भरा नजर आ रहा है, जिससे ब्रजवासियों में भी भारी उत्साह है।