देशभर के कई हिस्सों में गुरुवार शाम ईद का चांद नजर नहीं आया, जिसके बाद अब यह साफ हो गया है कि ईद-उल-फितर का त्योहार शनिवार, 21 मार्च को मनाया जाएगा। आज यानी शुक्रवार, 20 मार्च को रमजान महीने का 30वां और आखिरी रोजा रखा जा रहा है। साथ ही आज ‘अलविदा जुमा’ (रमजान का आखिरी शुक्रवार) की नमाज भी पूरे अकीदत के साथ अदा की जाएगी।
धार्मिक विद्वानों का फैसला
एदारे शरिया के नाजिम-ए-आला मौलाना कुतुबुद्दीन रिजवी और बरियातू जामा मस्जिद के खतीब मौलाना डॉ. असगर मिसबाही ने जानकारी साझा की है:
चांद की तस्दीक: गुरुवार को देश के किसी भी हिस्से से चांद दिखने की गवाही नहीं मिली।
अलविदा जुमा: आज मस्जिदों में दोपहर 12:30 बजे से विशेष तकरीर शुरू होगी और 1:30 बजे जुमे की नमाज अदा की जाएगी। इसमें रोजे की अहमियत और ईद की नमाज के तरीके पर चर्चा होगी।
ईद की तारीख: काजी मुफ्ती अनवर कासमी के अनुसार, 21 मार्च को शव्वाल महीने की पहली तारीख होगी और इसी दिन ईद मनाई जाएगी। मरकजी अंजुमन सोसाइटी, इरबा में ईद की नमाज सुबह 9:00 बजे होगी।
बाजारों में उमड़ी भारी भीड़
ईद की तारीख तय होने के बाद अब बाजारों में रौनक चरम पर है। रांची के मेन रोड, उर्दू लाइब्रेरी और चर्च रोड जैसे इलाकों में लोग देर रात तक खरीदारी में जुटे हैं।
क्या है खास: कपड़ों, जूतों और सेवइयों की दुकानों पर भारी भीड़ देखी जा रही है।
तैयारियां: लोग पारंपरिक व्यंजनों और मिठाइयों की बुकिंग के लिए भी दुकानों पर पहुंच रहे हैं।
बैठक में अहम चर्चा
एदारे शरिया की अहम बैठक मौलाना मुफ्ती अनवर निजामी मिस्बाही की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इसमें कई प्रमुख उलेमाओं ने हिस्सा लिया और चांद की सूचनाओं की पुष्टि के बाद आधिकारिक तौर पर शनिवार को ईद मनाने का ऐलान किया।