दिल्ली हाई कोर्ट ने वरिष्ठ टीवी पत्रकार अर्नब गोस्वामी को समन जारी कर पेश होने का निर्देश दिया है। यह कार्रवाई भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा दायर मानहानि याचिका के मामले में की गई है।

क्या है मामला
यह विवाद मई 2025 में प्रसारित एक टीवी कार्यक्रम से जुड़ा है, जिसमें अर्नब गोस्वामी ने कथित तौर पर दावा किया था कि कांग्रेस पार्टी का तुर्की में भी कार्यालय है। इस बयान को कांग्रेस ने मानहानिकारक बताते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया है।
कांग्रेस ने इस मामले में ₹2 करोड़ के हर्जाने की मांग की है और कहा है कि इस तरह के दावों से पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा है।
अदालत की टिप्पणी और आदेश
मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस मिनी पुष्करणा ने फिलहाल कोई अंतरिम राहत देने से इनकार किया, लेकिन प्रतिवादी को समन जारी करने का आदेश दिया।
अदालत ने निर्देश दिया कि अर्नब गोस्वामी को नोटिस भेजा जाए और उन्हें निर्धारित समय में जवाब दाखिल करना होगा।
कोर्ट ने यह भी कहा कि संबंधित सामग्री अभी भी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है, ऐसे में मामले की सुनवाई आवश्यक है।
चार हफ्ते में जवाब, अगली सुनवाई मई में
अदालत ने प्रतिवादियों को चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। साथ ही अंतरिम निषेधाज्ञा (इंजंक्शन) के लिए भी नोटिस जारी किया गया है। इस मामले की अगली सुनवाई मई 2026 में निर्धारित की गई है।
सोशल मीडिया पोस्ट भी विवाद में
बताया गया कि केवल टीवी कार्यक्रम ही नहीं, बल्कि चैनल के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी इस्तांबुल की एक इमारत को कांग्रेस का दफ्तर बताकर पोस्ट साझा किया गया था। बाद में कुछ फैक्ट-चेक रिपोर्ट्स में स्पष्ट किया गया कि वह इमारत ‘इस्तांबुल कांग्रेस’ से संबंधित थी, न कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद संबंधित चैनल की ओर से इसे संपादकीय त्रुटि बताते हुए स्पष्टीकरण भी जारी किया गया था।
मामले पर नजर
अब इस हाई-प्रोफाइल मानहानि मामले में अदालत की आगे की सुनवाई और अर्नब गोस्वामी के जवाब पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।