सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय का 30वां दीक्षांत समारोह सम्पन्न: 103 छात्रों को गोल्ड मेडल

सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय में 30वां दीक्षांत समारोह भव्य रूप से आयोजित किया गया। इस अवसर पर मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगू भाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय के माधव भवन स्थित स्वर्ण जयंती सभागार में किया गया, जहां कुलाधिपति के रूप में राज्यपाल ने समारोह की अध्यक्षता की और मुख्यमंत्री के साथ मिलकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

मेधावी छात्रों को सम्मान
दीक्षांत समारोह में कुल 103 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल प्रदान किए गए। इसके साथ ही 74 विद्यार्थियों को पीएचडी की उपाधि और 1 विद्यार्थी को डी-लिट की उपाधि से सम्मानित किया गया। कुल 397 विद्यार्थियों को विभिन्न डिग्रियां प्रदान की गईं।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद, संत बालयोगी उमेशनाथ महाराज और सांसद अनिल फिरोजिया भी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री का संबोधन
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह नगरी ज्ञान, विज्ञान और आध्यात्म का केंद्र रही है और भगवान श्री कृष्ण की शिक्षास्थली भी रही है।

उन्होंने सम्राट विक्रमादित्य के योगदान का जिक्र करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय का नाम उनसे जुड़ना गर्व की बात है और यह विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

सिंहस्थ 2028 की तैयारियों का जिक्र
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में वर्ष 2028 में होने वाले सिंहस्थ की तैयारियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा, स्वच्छता, डिजिटल सेवाओं और बेहतर व्यवस्थाओं के लिए राज्य सरकार अभी से काम कर रही है।

शुभकामनाएं और संदेश
अंत में मुख्यमंत्री ने सभी विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और आगामी त्योहारों के लिए भी अग्रिम बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह दीक्षांत समारोह केवल उपाधि वितरण नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत और समर्पण का प्रतीक है, जो समाज को कुशल और सक्षम मानव संसाधन प्रदान करता है।

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