वाराणसी। धर्मनगरी काशी में मोक्षदायिनी गंगा की लहरों पर आस्था को ठेस पहुंचाने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। सोमवार शाम कुछ युवकों द्वारा बीच गंगा में नाव पर इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शहर में भारी आक्रोश है। आरोप है कि इस दौरान न केवल मांसाहारी भोजन परोसा गया, बल्कि खाने के बाद बची हुई हड्डियां और जूठन सीधे पवित्र नदी की धारा में फेंक दी गई।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ ‘अधार्मिक’ कृत्य
वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक बड़ी नाव पर करीब एक दर्जन युवक सवार होकर दस्तरख्वान बिछाए बैठे हैं। बीच गंगा में नाव रोककर इफ्तार किया जा रहा है और युवक बिरयानी खाने के बाद उसके अवशेषों को बिना किसी संकोच के गंगा जी में विसर्जित कर रहे हैं। जैसे ही यह वीडियो सार्वजनिक हुआ, स्थानीय नागरिकों और संतों ने इसे गंगा की शुचिता और सनातन परंपरा पर सीधा प्रहार बताया।
पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 14 नामजद आरोपियों पर केस
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के पदाधिकारियों ने कोतवाली थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि जानबूझकर धार्मिक भावनाओं को भड़काने और पवित्र नदी को अपवित्र करने के उद्देश्य से यह कृत्य किया गया है। पुलिस ने तत्काल वीडियो की जांच की और साक्ष्यों के आधार पर 14 नामजद आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
प्रशासनिक रुख और भविष्य की तैयारी
कोतवाली के एसीपी ध्रुव प्रताप सिंह ने बताया कि वीडियो के आधार पर युवकों की पहचान कर ली गई है और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी की जाएगी। वाराणसी नगर निगम ने भी इस घटना पर कड़ी आपत्ति जताई है। प्रशासन का कहना है कि गंगा की पवित्रता बनाए रखने के लिए सख्त नियम (बायलॉज) लागू हैं और सार्वजनिक आस्था के केंद्र में ऐसी प्रतिबंधित गतिविधियां बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए घाटों पर निगरानी और सुरक्षा बढ़ाई जा रही है।