गोरखपुर। उत्तर प्रदेश में ‘जीरो टॉलरेंस’ और चाक-चौबंद कानून-व्यवस्था के दावों के बीच अपराधियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह क्षेत्र गोरखपुर में ही बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। चिलुआताल थाना क्षेत्र में मॉर्निंग वॉक पर निकले भाजपा नेता और पूर्व पार्षद राजकुमार चौहान की चार बदमाशों ने बेरहमी से हत्या कर दी। दिनदहाड़े हुई इस सनसनीखेज घटना ने न केवल पुलिसिया इकबाल पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।
पीछा कर सीने और सिर पर किए ताबड़तोड़ वार
जानकारी के मुताबिक, पूर्व पार्षद राजकुमार चौहान हर रोज की तरह सुबह टहलने निकले थे। इसी दौरान घात लगाकर बैठे चार हमलावरों ने उन्हें बीच सड़क पर घेर लिया। प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती जांच के अनुसार, बदमाशों ने उन पर चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला करना शुरू कर दिया। अपनी जान बचाने के लिए राजकुमार चौहान ने भागने की कोशिश भी की, लेकिन हमलावरों ने उन्हें खदेड़कर पकड़ा और सीने, सिर व हाथों पर गहरे घाव कर दिए।
मौत की पुष्टि होने तक मौके पर डटे रहे हत्यारे
अपराधियों के हौसले इतने बुलंद थे कि वे हमला करने के बाद तुरंत फरार नहीं हुए। बताया जा रहा है कि बदमाश तब तक घटनास्थल पर खड़े रहे, जब तक उन्हें यह यकीन नहीं हो गया कि भाजपा नेता की सांसें थम चुकी हैं। राजकुमार चौहान के जमीन पर गिरते ही और उनकी हलचल बंद होने के बाद ही आरोपी वहां से भागे। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
जांच में जुटी पुलिस, रंजिश या साजिश?
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और हमलावरों की तलाश में टीमें लगा दी गई हैं। हालांकि, अभी तक हत्या की स्पष्ट वजह सामने नहीं आई है, लेकिन पुलिस आपसी रंजिश और राजनीतिक एंगल समेत तमाम पहलुओं पर जांच कर रही है। मुख्यमंत्री के क्षेत्र में सत्ताधारी दल के ही नेता की ऐसी नृशंस हत्या ने विपक्षी दलों को भी सरकार की घेराबंदी करने का मौका दे दिया है।