नई दिल्ली। शक्ति की उपासना का महापर्व चैत्र नवरात्रि इस साल 19 मार्च 2026 से शुरू हो रहा है। मान्यताओं के अनुसार, मां दुर्गा उसी घर में प्रवेश करती हैं जहां स्वच्छता और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा के अनुसार, माता रानी के स्वागत से पहले घर में कुछ वास्तु बदलाव करना बेहद शुभ माना जाता है। यदि आप भी चाहते हैं कि इस नवरात्रि आपके घर में सुख, शांति और बरकत आए, तो ये 5 वास्तु उपाय जरूर अपनाएं:
1. मुख्य द्वार पर तोरण और स्वस्तिक
वास्तु शास्त्र में घर का प्रवेश द्वार सकारात्मक ऊर्जा का मुख्य स्रोत माना जाता है। नवरात्रि से पहले अपने मुख्य द्वार को अच्छी तरह साफ करें और वहां आम या अशोक के पत्तों का तोरण लगाएं। दरवाजे के दोनों तरफ कुमकुम से स्वस्तिक का चिन्ह बनाएं, जिससे घर में नकारात्मक शक्तियां प्रवेश नहीं कर पाएंगी।
2. खंडित मूर्तियों का विसर्जन
यदि आपके पूजा घर में कोई ऐसी प्रतिमा या तस्वीर है जो खंडित हो गई है, तो उसे तुरंत हटा दें। वास्तु के अनुसार, खंडित मूर्तियां मानसिक तनाव और कलह का कारण बनती हैं। इन्हें सम्मानपूर्वक किसी पवित्र नदी में प्रवाहित करें या पीपल के पेड़ के नीचे रख दें।
3. बंद घड़ियां और कबाड़
घर के किसी कोने में रुकी हुई घड़ी न रखें। बंद घड़ी उन्नति में रुकावट और समय के ठहर जाने का प्रतीक है। इसी तरह घर में जमा पुराना कबाड़ और टूटा-फूटा सामान नकारात्मकता को आकर्षित करता है। नवरात्रि से पहले ऐसे सामान को घर से बाहर निकाल देना ही समझदारी है।
4. नमक के पानी से शुद्धिकरण
घर की नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए सफाई के दौरान पानी में थोड़ा सा समुद्री नमक मिलाकर पोंछा लगाएं। नमक घर के वातावरण को शुद्ध करता है और बुरी नजर से बचाव करता है।
5. पुराने फूलों की सफाई
मंदिर या घर के अन्य हिस्सों में रखे सूखे और मुरझाए हुए फूलों को हटा दें। नवरात्रि के दौरान प्रतिदिन ताजे फूलों का प्रयोग करें, जिससे घर का वातावरण सुगंधित और भक्तिमय बना रहे।