अम्बिकापुर। महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला-सरगुजा द्वारा एकीकृत बाल विकास परियोजना अम्बिकापुर (ग्रामीण) के अंतर्गत सेक्टर मेंड्राकलां स्थित लब्जी ग्राम पंचायत भवन में ‘ईसीसीई (Early Childhood Care and Education) मेला/बाल मेला’ का भव्य आयोजन किया गया। “अजीम प्रेमजी फाउंडेशन” के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों के सर्वांगीण विकास, पोषण संबंधी जागरूकता तथा प्रारंभिक बाल शिक्षा को समुदाय तक प्रभावी रूप से पहुँचाना रहा।
कार्यक्रम में सीडीपीओ बेर्था तिर्की, सेक्टर सुपरवाइजर अनिता सिंह, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और समस्त आंगनवाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित रहीं। इसके साथ ही जनप्रतिनिधियों में बीडीसी शोभा बाई महंत, बीडीसी सरिता दास महंत, सरपंच अनिता बाई भगत, उपसरपंच कलिंदरबाई, पूर्व जनपद उपाध्यक्ष विशुनदास महंत सहित बड़ी संख्या में अभिभावक और ग्रामीण जन शामिल हुए।

मेले में बच्चों के सीखने और उनके विकास को प्रदर्शित करने के लिए कुल सात विषयगत लर्निंग कॉर्नर और स्टॉल लगाए गए थे। इनमें ‘पोषण आहार’, ‘आओ मिलान करें’, ‘कहानी और कविता’, ‘आओ रास्ता खोजें’, ‘आवा काहिं काहिं बनाबो’, ‘छूओ, सूंघो और पहचानो’ तथा ‘आवा खेलबो आऊ खिलाबो’ जैसी गतिविधियाँ शामिल रहीं। इन स्टॉल्स के माध्यम से बच्चों के बौद्धिक, रचनात्मक और संवेदनात्मक विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।

आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा प्रत्येक स्टॉल पर विभिन्न गतिविधियों का जीवंत प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों और अभिभावकों ने प्रत्येक लर्निंग कॉर्नर का बारीकी से अवलोकन किया। इस दौरान विशेषज्ञों द्वारा पोषण, स्वास्थ्य, स्वच्छता और प्रारंभिक शिक्षा के महत्व के बारे में भी विस्तार से जानकारी साझा की गई।
इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी (महिला एवं बाल विकास विभाग) ने बताया कि इस प्रकार के आयोजन आंगनवाड़ी केंद्रों में गतिविधि आधारित प्रारंभिक शिक्षा को सशक्त बनाने के साथ-साथ समुदाय को बच्चों के पोषण और विकास के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे आयोजनों से बच्चों के लिए सकारात्मक वातावरण का निर्माण होता है और समाज की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित होती है।