रायपुर। सनातन धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व है। चैत्र कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को पापमोचिनी एकादशी के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष यह व्रत 15 मार्च 2026, रविवार को रखा जाएगा। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है, जिससे सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
पंचांग और तिथियाँ
पापमोचिनी एकादशी तिथि 15 मार्च को सुबह 9 बजकर 17 मिनट तक रहेगी। दिन की शुरुआत परिघ योग से होगी, जो सुबह 10 बजकर 26 मिनट तक प्रभावी रहेगा, जिसके बाद शिव योग का आरंभ हो जाएगा। नक्षत्र की बात करें तो सोमवार की सुबह 5 बजकर 56 मिनट तक श्रवण नक्षत्र बना रहेगा। व्रत का पारण 16 मार्च 2026 को किया जाएगा।
प्रमुख मुहूर्त
15 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 11 मिनट से 5 बजकर 59 मिनट तक रहेगा। वहीं प्रातः संध्या का समय सुबह 5 बजकर 35 मिनट से 6 बजकर 47 मिनट तक है। शुभ कार्यों के लिए अभिजित मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 23 मिनट से 1 बजकर 12 मिनट तक और विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 48 मिनट से 3 बजकर 36 मिनट तक उपलब्ध रहेगा। इसके अतिरिक्त गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 46 मिनट से 7 बजकर 10 मिनट और अमृत काल शाम 7 बजकर 3 मिनट से 8 बजकर 43 मिनट तक रहेगा।
शहर के अनुसार राहुकाल का समय
रविवार को राहुकाल के दौरान शुभ कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है। विभिन्न शहरों में इसका समय इस प्रकार है:
दिल्ली: शाम 5:00 से 6:29 बजे तक
मुंबई: शाम 5:18 से 6:48 बजे तक
चंडीगढ़: शाम 5:01 से 6:31 बजे तक
लखनऊ: शाम 4:45 से 6:15 बजे तक
भोपाल: शाम 4:59 से 6:29 बजे तक
कोलकाता: शाम 4:16 से 5:46 बजे तक
अहमदाबाद: शाम 5:18 से 6:48 बजे तक
चेन्नई: शाम 4:49 से 6:19 बजे तक
सूर्योदय और सूर्यास्त
15 मार्च को सूर्योदय सुबह 6 बजकर 30 मिनट पर होगा, जबकि सूर्यास्त शाम 6 बजकर 29 मिनट पर होगा। एकादशी का व्रत रखने वाले श्रद्धालु अपनी पूजा का समय इसी अनुसार निर्धारित कर सकते हैं।