नई दिल्ली: एआई (AI) की दुनिया में इन दिनों डर और चेतावनी का माहौल है। दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति और टेक दिग्गज एलन मस्क ने एक बार फिर ओपनएआई (OpenAI) के सीईओ सैम ऑल्टमैन पर सीधा हमला बोला है। मस्क ने दुनिया भर के माता-पिता को आगाह करते हुए कहा है कि अपने बच्चों और मानसिक रूप से कमजोर लोगों को चैटजीपीटी (ChatGPT) से कोसों दूर रखें। मस्क का यह बयान हाल ही में हुई कुछ हिंसक घटनाओं के बाद सामने आया है।
हिंसा की प्लानिंग में एआई का हाथ? दरअसल, यह पूरा विवाद कनाडा के ‘टम्बलर रिज’ हाई स्कूल में हुई गोलीबारी के बाद भड़का है। रिपोर्ट्स के अनुसार, हमलावर वैन रूट्सलार ने इस सामूहिक हत्याकांड की पूरी साजिश ‘चैटजीपीटी’ की मदद से रची थी। मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक पोस्ट का जवाब देते हुए लिखा कि यह एआई चैटबॉट अब सुरक्षित नहीं रह गया है और कई मौतों के लिए जिम्मेदार है।
मुश्किल में OpenAI: कर्मचारियों ने क्यों छुपाई बात? इस खबर ने तब तूल पकड़ा जब यह खुलासा हुआ कि OpenAI के करीब 12 कर्मचारियों को पहले से पता था कि कोई यूजर चैटबॉट पर हिंसा और हथियारों की बात कर रहा है। ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी के ऑटोमेटेड सिस्टम ने चेतावनी भी जारी की थी, लेकिन कर्मचारियों ने पुलिस को इसकी जानकारी नहीं दी। इसी लापरवाही के कारण अब एक पीड़ित छात्रा ‘माया गेबाला’ की मां ने कंपनी पर भारी जुर्माना और मुकदमा ठोक दिया है।
मस्क का दावा: ‘मौत का चैटबॉट’ एलन मस्क यहीं नहीं रुके। उन्होंने एक अन्य रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि चैटजीपीटी के इस्तेमाल के कारण अब तक 9 लोगों की जान जा चुकी है और 5 लोग आत्महत्या कर चुके हैं। मस्क ने लोगों से अपील की है कि वे अपने प्रियजनों की सुरक्षा के लिए उन्हें इस एआई से दूर रखें। यह विवाद अब सिलिकॉन वैली की सबसे बड़ी कानूनी और नैतिक लड़ाई बनता जा रहा है।