LPG संकट पर सरकार का एक्शन प्लान : प्रोडक्शन से सप्लाई तक 3 दिन में लिए गए 10 बड़े फैसले

LPG Shortage : नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में बढ़ते ईरान-इजरायल संघर्ष और होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) के बंद होने से भारत की रसोई तक पहुँचे गैस संकट को दूर करने के लिए केंद्र सरकार पूरी तरह ‘एक्शन मोड’ में आ गई है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने अगले 3 दिनों के भीतर सप्लाई चेन को दुरुस्त करने और आम जनता को राहत देने के लिए 10 सूत्रीय मास्टर प्लान लागू किया है।

यहाँ पढ़ें सरकार के वे 10 बड़े फैसले जो आपकी रसोई और बाजार की स्थिति बदलेंगे:

स्वदेशी उत्पादन में तेजी: सरकार ने देश की सभी सरकारी और निजी रिफाइनरियों को आदेश दिया है कि वे अन्य पेट्रोलियम उत्पादों के मुकाबले LPG (रसोई गैस) के उत्पादन को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखें और इसे अधिकतम क्षमता तक बढ़ाएं।

बुकिंग नियमों में बदलाव: गैस की ‘पैनिक बुकिंग’ और जमाखोरी को रोकने के लिए अब दो सिलेंडरों के बीच बुकिंग का अंतर 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है। इससे कृत्रिम किल्लत पर लगाम लगेगी।

घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता: उपलब्ध गैस स्टॉक का पहला हक घरेलू रसोई गैस (LPG), पाइपलाइन गैस (PNG) और परिवहन (CNG) का होगा। औद्योगिक उपयोग के लिए गैस सप्लाई में कटौती की जा सकती है।

कमर्शियल संकट के लिए विशेष कमेटी: होटलों और रेस्तरां में उपयोग होने वाले 19 किलो के नीले सिलेंडरों की भारी कमी को देखते हुए ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) की एक हाई-लेवल कमेटी बनाई गई है, जो इसकी सप्लाई की निगरानी करेगी।

सीधा सरकारी नियंत्रण: निजी कंपनियों द्वारा उत्पादित अतिरिक्त LPG को अब सीधे IOCL, BPCL और HPCL जैसी सरकारी कंपनियों को सौंपने का निर्देश दिया गया है ताकि वितरण प्रणाली में एकरूपता बनी रहे।

कालाबाजारी पर ‘एस्मा’ (ESMA): गैस की अवैध बिक्री और कालाबाजारी रोकने के लिए देशभर में सख्त छापेमारी के निर्देश दिए गए हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाले वितरकों के लाइसेंस रद्द करने और आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (ESMA) के तहत कार्रवाई की जाएगी।

सप्लाई रूट में ऐतिहासिक बदलाव: होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने के बाद भारत ने अपना 70% तेल और गैस आयात अब वैकल्पिक सुरक्षित समुद्री मार्गों से करना शुरू कर दिया है।

रूस बना संकटमोचक: खाड़ी देशों पर निर्भरता घटाते हुए भारत ने रूस से गैस और तेल का आयात 50% तक बढ़ा दिया है। मार्च के शुरुआती 11 दिनों में ही रूस से रिकॉर्ड 15 लाख बैरल प्रतिदिन की खरीद की गई है।

अमेरिका और अफ्रीका से नए करार: गैस की कमी पूरी करने के लिए गेल (GAIL) ने अमेरिका के साथ बड़ा LNG सौदा किया है। साथ ही पहली बार गुयाना, नाइजीरिया और अंगोला जैसे देशों से गैस की खेप मंगवाई जा रही है।

कीमतों पर अंकुश का भरोसा: पेट्रोलियम मंत्रालय ने संकेत दिए हैं कि अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता के बावजूद घरेलू बाजार में LPG की कीमतों में फिलहाल किसी बड़ी बढ़ोतरी की संभावना नहीं है, ताकि आम आदमी की जेब पर बोझ न बढ़े।

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