:दिलीप गुप्ता:
सरायपाली :- सरायपाली के कृषि अधिकारियों की भूमिका एक राइस मिल से 270 बोरा खाद
पकड़ने व उसके बाद उक्त खाद की नियमत जप्ती न कर किसानों में वितरित करने की
नगर में जोरदार चर्चा का विषय बना हुवा है ।
तो वही कृषि अधिकारी भी इस संबंध में गोलमोल जवाब दे रहे हैं
तो एक दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं ।
भाजपा व कांग्रेस भी इस विषय को लेकर अब आमने सामने आकर एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगा रहे हैं । अधिकारियों ने बताया इसके पूर्व भी इसी तरह 120 बोर यूरिया को किसानो मे बांटा गया था । सवाल यह है कि नियमत ऐसे मामलों में जप्ती कार्यवाही किये बगैर कैसे नियम विरुद्ध एक बार नही दो बार ऐसा ही कर खाद को किसानों में बांट दिया गया । खों ऐसा तो नही अपनी पोल दबाने व आक्रोश को शांत किये जाने हेतु यह प्रयास किया गया हो ।

इस संबंध में मिली जनकारी के अनुसार शिकायत के आधार पर कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा सराईपतरा स्थित बालाजी राइस मिल में निरीक्षण के दौरान 270 बोरी यूरिया पाया गया। राईस मील के प्रोपाईटर तनुजा अग्रवाल पति योगेश अग्रवाल राईस मील में उपलब्ध मिले।
जिन्होंने बताया कि राईस मील में रखा यूरिया (IFFCO) मेसर्स ओम फर्टिलाईजर्स सरायपाली का है । मेसर्स ओम फर्टिलाईजर्स के अधिकृत तरूण अग्रवाल को बुलाकर उनके समक्ष 270 बोरी यूरिया को वहां उपस्थित कृषकों को शासकीय दर पर वितरण किया गया। स्वयं अधिकारी कह रहे हैं कि उन्होंने बंटवाया है ।
किसानों को बांटे जाने का बाकायदा पंचनामा भी बनाया गया है जिसमे आर के चौधरी ( आर ए ओ) , ख़िरभान सिंह ध्रुव( मंडी सचिव ) , महेंद्र भोई ( मंडी कर्मचारी ) , तरुण अग्रवाल ( खाद मालिक ) व अन्यो के हस्ताक्षर हैं ।

कृषि विभाग के उर्वरक निरीक्षक व वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी देव मिर्धा द्वारा ओम फर्टिलाइजर उर्वरक भण्डारण में अनियमितता के संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी करते हुवे कहा गया है कि निरीक्षण के दौरान 270 बोरी यूरिया का भण्डारण बालाजी राईस मिल सराईपतेरा में पाया गया।
राईस मील के प्रोपाईटर तनुजा अग्रवाल योगेश अग्रवाल राईस मील में उपलब्ध मिले। जिन्होने बताया कि राईस नील में रखा यूरिया (IFFCO) मेसर्स ओम फर्टिलाईजर्स सरायपाली का होना बताया । अतः इस संबंध में 03 दिवस के भीतर जवाब प्रस्तुत करें,
जवाब संतोषप्रद नही पाये जाने पर उर्वरक नियंत्रण अधिनियम 1985 का उल्लंघन के तहत लाईसेंस निलंबन / निरस्तीकरण की कार्यवाही हेतू वरिष्ठालय को अनुशंसा की जायेगी । इसी तरह विभाग द्वारा बालाजी राईस मिल सरईपतेरा को बिना अनुज्ञा के उर्वरक भण्डारण के संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी कर 3 दिवस के भीतर जवाब देने कहा गया है ।
इस संबंध में कृषि विभाग द्वारा कागजी कार्यवाही तो कर दी गई पर यह बताने में स्वयं अनुविभगगीय अधिकारी कृषि विवेक पटेल व उर्वरक निरीक्षक देव मिर्धा यह बताने में असमर्थ रहे कि उन्होंने किस नियम के तहत खाद की जप्ती न बनाकर कैसे खाद का वितरण कार्यवाही स्थल पर कर दिया ।
कृषि विभाग के एसडीओ विवेक पटेल ने मुझे इसकी कोई जानकारी नही है । सभी जानकारी जांच अधिकारी देंगे कहते हुवे अपनी जिम्मेफरो से पल्ला झाड़ लिया ।
इस संबंध में जांच अधिकारी व उर्वरक निरीक्षक देव मिर्धा द्वारा बताया गया कि इसके पूर्व भी मुकेश ट्रेडिंग मे 120 बोरा खाद को किसानों में वितरित किया गया था
उसी आधार पर तत्कालीन परिस्थिति को देखते हुवे 230 बोरा खाद को भी 131 किसानों के मध्य वितरित शासकीय दर में वितरित कर दिया गया । उनसे जब पूछा गया कि बगैर जप्ती नामा बनाये व जांच किये बिना किस नियम के तहत आपके द्वारा खाद वितरण कर दिया गया तो उन्होंने बताया कि पूछ कर बताता हूँ ।
उसके बाद उन्होने फोन ही रिसीव नही किया । यहां यह आश्चर्यजनक बात है कि एक अधिकारी को नियम की जानकारी नही है व पूछ कर बताने वाली बात उनके विभागीय नियम कानून की जानकारी नही होने या फिर मामले से पल्ला झाड़ने की ओर इशारा करता है ।
सरायपाली कृषि विभाग के उस रैवैय्ये की शिकायत ऊपर की जाएगी व जांच की मांग भी की जायेगी ।
इस प्रकरण से यह स्पष्ट है कि बगैर अधिकारियों के मिलीभगत के यह संभव नही । इनकी संलिप्तता व्यापारियों से निश्चत तौर पर सकती है । बगैर अधिकारियों व नेताओ के सरंक्षण के यह संभव नही हो सकता ।
