वुमेन इम्पॉवरमेंट की शानदार मिशाल

 छत्तीसगढ़में महिला पत्रकारों को प्रोत्साहित करने की दिशा में राज्य के जनसंपर्क विभाग ने एक अभिनवऔर प्रेरक पहल की है। यहप्रयास इसलिए भी विशेषबन जाता है क्योंकिइसमें महिला पत्रकारों को केवल औपचारिक प्रशिक्षण या स्थानीयभ्रमण तक सीमित नहीं रखा गया, बल्किउनके उत्साहवर्धन और आत्मविश्वास को नई ऊँचाइयों तक ले जाने के लिए उन्हें हवाई जहाज़ से अध्ययन एवं अनुभवयात्रापर भेजा गया। यहकदम न केवल प्रतीकात्मक है, बल्कियहयहभी दर्शाता है किराज्य सरकार महिला पत्रकारिता को कितनी गंभीरता और सम्मान के साथ देख रही है।

छत्तीसगढ़सरकार ने इस बार पहली बार जनसंपर्क विभाग के बजटमें प्रेस टूर के नाम पर बजटप्रावधान किया है यहाँ यहसवाल भी लाज़मी है किइन अध्ययन टूरों के बाद क्याउनके अनुभवों और रिपोर्टोंपर भी कोई अमल होता है?

देशभर में पत्रकारों की प्रताड़ना और उत्पीड़न की खबरों के बीच छत्तीसगढ़में पत्रकार सुरक्षाकानून, पत्रकार पेंशन योजना, पत्रकारों की बीमारी और उनके आश्रितों के लिए पत्रकार कल्याण योजना लागू है। इसके अलावा राजधानी रायपुर में पत्रकारों को सस्तीदर पर आवास और भूखंडभी दिए गए हैं।

अक्सर यहसवाल भी उठता है किमीडिया संस्थान अपने कर्मचारियों-पत्रकारों को क्यादेते हैं। बहुत से संस्थान नियुक्तिपत्रतक नहीं देते, लेकिन सरकार से सुविधाएँ लेने के लिए ऐसे-ऐसे नामों की सिफारिश कर देते हैं, जो सीधे पत्रकारिता के पेशे से भी जुड़े नहीं होते।

महिला पत्रकारों की बात करें तो अभी उनकी उपस्थितिअपेक्षाकृत कम है, ठीक वैसे ही जैसे समाजके अन्य क्षेत्रोंमें। आधी आबादी को पूरा हक़ और पूरे अवसर मिलें-इसके लिए अभी भी कई स्तरों पर संघर्षजारी है।

देश में चल रहे स्त्रीविमर्शके बीच छत्तीसगढ़की महिला पत्रकारों का यहप्रेस अध्ययन टूर एक नई आशा जगाता है। आने वाले समयमें ये महिला पत्रकार देश की सीमाओं से बाहर जाकर भी दुनिया के हालातों का अध्ययन करेंगी और अपने लेखन वप्रस्तुतियों के माध्यम से समाजतक पहुँचाएँ।  

नीलू

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