महिला दिवस महिला समानता की दिशा में कार्य किए जाने हेतु प्रेरित करता है :- न्यायधीश वंदना दीपक देवांगन
दिलीप गुप्ता
सरायपाली:- अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय भवन में महिला दिवस समारोह कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उक्त कार्यक्रम माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिता डहरिया के मार्गदर्शन एवं निर्देशन पर आयोजित किया गया । इस अवसर पर श्रीमती अनीता डहरिया ने सभी महिलाओं को महिला दिवस की बधाई व शुभकामनाएं भी दी ।

इस अवसर पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश वंदना दीपक देवांगन व सरायपाली एसडीएम अनुपमा आनंद के साथ ही महिला अधिवक्ताओं व महिला न्यायालयीन कर्मचारियों के साथ केक काटकर महिला दिवस मनाया गया ।
इस अवसर पर न्यायधीश श्रीमती वंदना दीपक देवांगन ने कहा कि नारी शक्ति इस देश के विकास की धुरी है । महिलाओं को वकील पेशे के साथ साथ न्यायधीश भी बनने का प्रयास किया जाना चाहिए । आज देश की आधी आबादी के नाम से जानी व पहचानी जानी वाली महिलाएं विभिन्न क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही है यह एक शुभ संकेत व संदेश है ।उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस हम सभी के लिए एक गौरवशाली दिन है। यह दिन महिला समानता की दिशा में कार्य करने के लिए हमें प्रेरित करता है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाते हुए, हम सभी को एक ऐसे विश्व के निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः मजबूत करने की आवश्यकता है जहाँ सभी महिलाओं को सशक्त, सम्मानित और समावेशी बनाया जा सके।

उन्होंने कहा, हम अपना हक इसलिए मांग रहे हैं क्योंकि हम इसके काबिल और हकदार हैं, न कि सिर्फ इसलिए कि हम महिलाएं हैं।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती वंदना दीपक देवांगन ने कहा कि न्यायालयों में पदस्थ महिलाओं के आंकड़ों में भी अब बदलाव की तस्वीरें सामने आने लगी है जिला स्तर पर अब 37 फीसदी न्यायिक अधिकारी महिलाएं हैं, जो एक बड़े बदलाव का संकेत है। अब देश के तीन हाई कोर्ट्स में महिला मुख्य न्यायाधीश होंगी।
इस अवसर पर विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित एसडीएम अनुपमा आनंद ने कहा कि भारत सरकार की बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, महिला शक्ति केंद्र, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, प्रधानमंत्री महिला शक्ति केंद्र योजना, वन स्टॉप सेंटर और महिला हेल्पलाइन जैसी योजनाएं महिलाओं के सशक्तिकरण में मददगार साबित हुई है। महिला सशक्तिकरण एक सतत और प्रगतिशील समाज के निर्माण का एक शक्तिशाली साधन है। इसलिए, छत्तीसगढ़ सरकार ने भी महिलाओं के उत्थान और सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएँ और नीतियाँ विकसित की हैं। इनमें से महतारी वंदन योजना, जो समाज के कमजोर वर्ग की महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करती है। मुख्यमंत्री नोनी सशक्तीकरण सहायता योजना, किशोरी शक्ति योजना और सुकन्या योजना का उद्देश्य लड़कियों को लाभ पहुँचाना है। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि महिलाओं को सशक्त होने के लिए सबसे पहले अपनी मनःस्थिति को मजबूत करना आवश्यक है। तभी महिलाएं अपने लक्ष्य को प्राप्त के सकती हैं ।
इस अवसर पर अनेक महिला अधिवक्ताओं के साथ साथ न्यायालयीन महिला कर्मचारी भी उपस्थित थी । सभी महिलाओं को पुष्पचक्र पहनाकर व मिठाई खिलाकर सम्मानित किया गया ।