जगदलपुर। बस्तर जिले के ग्राम खोटलापाल की 60 वर्षीय रामशिला की सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के अभाव में मौत हो गई। परिजनों के अनुसार रात दो बजे महिला की तबीयत अचानक बिगड़ी, लेकिन सीएचसी में न डॉक्टर मौजूद थे और न ही नर्स।
परिजनों ने बताया कि उन्होंने कई बार दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। महिला दर्द से तड़पती रही और सुबह चार बजे दम तोड़ दिया। स्टाफ सुबह छह बजे पहुंचा, जब तक बहुत देर हो चुकी थी।
परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोषी कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं सीएमएचओ डॉ. संजय बसाक ने कहा कि रात दो बजे तक डॉक्टर और नर्स ड्यूटी पर थे तथा मरीज का इलाज किया गया, लेकिन हालत अत्यंत गंभीर थी।
परिजन अब स्वास्थ्य केंद्र में रात्रि ड्यूटी की स्टाफिंग और निगरानी बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की कमियों को एक बार फिर उजागर कर दिया है।