अमेरिका में शनिवार से सोमवार तक फैलने वाले शीतकालीन तूफान ने पूरे देश को प्रभावित किया है। राष्ट्रीय मौसम सेवा के अनुसार न्यू मैक्सिको से न्यू इंग्लैंड तक लगभग 14 करोड़ लोग, यानी देश की 40 प्रतिशत से अधिक आबादी, विंटर स्टॉर्म चेतावनी के दायरे में है।
मौसम विज्ञानी एलिसन सैंटोरली ने कहा कि बर्फ धीरे-धीरे पिघलेगी और जल्दी नहीं हटेगी, जिससे राहत कार्यों में बड़ी बाधा आएगी। तूफान से भारी बर्फबारी, ओले और जमा देने वाली बारिश का पूर्वानुमान है।
शनिवार को तूफान ने भयंकर तबाही मचाई। हजारों उड़ानें रद्द हुईं, सड़कें ब्लॉक हो गईं और बिजली गुल हो गई। फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट फ्लाइटअवेयर के अनुसार शनिवार और रविवार को पूरे अमेरिका में लगभग 13,000 उड़ानें रद्द की गईं। ओक्लाहोमा सिटी के विल रोजर्स अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शनिवार की सभी उड़ानें और रविवार सुबह की उड़ानें भी रद्द कर दी गईं।
पावरआउटेज.यूएस के अनुसार तूफान से लगभग 1,20,000 बिजली कटौतियां हुईं। टेक्सास और लुइसियाना में करीब 50,000-50,000 कटौतियां दर्ज की गईं। टेक्सास के शेल्बी काउंटी में बर्फ के भार से चीड़ के पेड़ टूटे, जिससे बिजली लाइनें गिर गईं और 16,000 निवासियों में से एक तिहाई को बिजली नहीं मिली।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार तक एक दर्जन राज्यों के लिए आपातकाल की घोषणा को मंजूरी दी। इनमें साउथ कैरोलिना, वर्जीनिया, टेनेसी, जॉर्जिया, नॉर्थ कैरोलिना, मैरीलैंड, आर्कांसास, केंटकी, लुइसियाना, मिसिसिपी, इंडियाना और वेस्ट वर्जीनिया शामिल हैं। आगे और राज्यों के लिए घोषणा होने की उम्मीद है।
होमलैंड सिक्योरिटी सेक्रेटरी क्रिस्टी नोएम ने बताया कि फेडरल इमरजेंसी मैनेजमेंट एजेंसी (FEMA) ने कई राज्यों में आवश्यक सामग्री, कर्मचारी और खोज-बचाव दल तैनात कर दिए हैं। उन्होंने लोगों से समझदारी दिखाने और संभव हो तो घर पर रहने की अपील की।
राष्ट्रीय मौसम सेवा ने लोगों से सतर्क रहने की सलाह दी है। तूफान के बाद भीषण ठंड पड़ने की आशंका है, जिससे स्थिति और जटिल हो सकती है।