मार्च में ‘विंटर रिटर्न : पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानों में ओलावृष्टि का हाई अलर्ट, रबी की फसलों पर मंडराया संकट

Weather Update : मार्च के महीने में जहां चिलचिलाती धूप की उम्मीद की जा रही थी, वहीं प्रकृति ने अचानक करवट लेकर सबको हैरत में डाल दिया है। एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण उत्तर भारत के विशाल हिस्से में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब में झमाझम बारिश और तेज हवाओं ने दस्तक दी है, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है।

हिमालयी क्षेत्रों में बर्फ की चादर, मैदानी इलाकों में ठिठुरन

जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचे पहाड़ी इलाकों में पिछले 24 घंटों से लगातार ताजा बर्फबारी हो रही है। इस हिमपात के कारण पूरी घाटी शीतलहर की चपेट में है। पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवाओं ने मैदानी राज्यों— राजस्थान, मध्य प्रदेश और दिल्ली में ठंड का अहसास फिर से करा दिया है। मौसम विभाग के अनुसार, राजस्थान के कई जिलों में अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की बड़ी गिरावट देखी गई है, जो मार्च के उत्तरार्ध में एक असामान्य घटना है।

अगले 48 घंटे बेहद संवेदनशील: आंधी और बिजली का खतरा

मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि अगले 48 घंटों तक उत्तर और मध्य भारत में मौसम का यह उग्र रूप जारी रहेगा। शुक्रवार, 20 मार्च को दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और राजस्थान के कुछ हिस्सों में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी चलने की संभावना है।

विभाग ने विशेष रूप से आकाशीय बिजली (Lightning) गिरने और ओलावृष्टि को लेकर ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे इस दौरान खुले खेतों में न जाएं और सुरक्षित स्थानों पर शरण लें।

अन्नदाता की बढ़ी चिंता: फसलों को भारी नुकसान की आशंका

मौसम के इस बदले मिजाज ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। वर्तमान में रबी की फसलें, विशेषकर गेहूं, सरसों और चना कटाई के कगार पर हैं या तैयार हो चुकी हैं। तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि से फसलों के बिछने (Lodging) का खतरा बढ़ गया है। यदि ओले गिरते हैं, तो दाने झड़ने और फसल की गुणवत्ता खराब होने से किसानों को व्यापक आर्थिक क्षति हो सकती है। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई जिलों में पहले ही हल्की ओलावृष्टि की खबरें आ चुकी हैं।

देश के अन्य हिस्सों का हाल

विक्षोभ का असर केवल उत्तर भारत तक सीमित नहीं है। पूर्वी भारत के राज्यों जैसे ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी गरज-चमक के साथ बारिश का दौर शुरू हो गया है। सिक्किम और पूर्वोत्तर राज्यों में भी मध्यम से भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है।

सावधानी बरतें: प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान कच्चे मकानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। यात्रा पर निकलने से पहले मौसम की ताजा जानकारी अवश्य ले लें, क्योंकि पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की भी आशंका बनी हुई है।

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