दल्लीराजहरा, बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से रूह कंपा देने वाली एक घटना सामने आई है। यहाँ होली के उत्साह के बीच एक नाबालिग छात्रा सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) का शिकार हो गई। पीड़िता को घुमाने के बहाने उसका एक परिचित नाबालिग दोस्त रजहि डैम लेकर गया था, जहाँ उसने और बाद में पहुँचे दो अन्य ग्रामीणों ने मासूम के साथ दरिंदगी की सारी हदें पार कर दीं। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी नाबालिग समेत तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
दोस्त की नीयत बिगड़ी, फिर पहुँचे दो और हैवान
मिली जानकारी के अनुसार, घटना रविवार की है। दल्लीराजहरा क्षेत्र की रहने वाली नाबालिग पीड़िता अपने एक परिचित किशोर (नाबालिग) के साथ बाइक पर सवार होकर रजहि डैम घूमने गई थी। बताया जा रहा है कि डैम के पास पहुँचते ही आरोपी किशोर की नीयत डोल गई और उसने सुनसान इलाके का फायदा उठाकर पीड़िता के साथ जबरदस्ती की।
इसी दौरान वहां रजहि गाँव के ही दो स्थानीय युवक पहुँच गए। उन्होंने पीड़िता को बचाने के बजाय इस अपराध में शामिल होने का रास्ता चुना। आरोपियों ने पहले मोबाइल से पीड़िता का आपत्तिजनक वीडियो बनाया और फिर डरा-धमकाकर बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद पीड़िता बदहवास हालत में अपने घर पहुँची।
परिजनों को बताई आपबीती, पुलिस की त्वरित कार्रवाई
घर पहुँचने के बाद पीड़िता ने रोते हुए अपने माता-पिता को पूरी घटना की जानकारी दी। पीड़िता की माँ ने बिना देर किए रविवार को ही दल्लीराजहरा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस तत्काल हरकत में आई और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी।
सीएसपी दल्लीराजहरा ने बताया कि पुलिस ने मुखबिरों की सूचना और घेराबंदी कर घटना में शामिल नाबालिग लड़के और रजहि गाँव के दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
कड़ी धाराओं में मामला दर्ज, भेजे गए जेल
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 51/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 147/2, 127, 62, 49 और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) की धारा 6 के तहत मामला पंजीबद्ध किया है। सोमवार को पुलिस ने तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
इस घटना ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि ऐसे जघन्य अपराध को अंजाम देने वालों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर अंकुश लग सके।