मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ईद के मौके पर नमाज के दौरान कुछ स्थानों पर विरोध के स्वर भी देखने को मिले। कई लोगों ने काली पट्टी बांधकर नमाज अदा की और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों को लेकर नारेबाजी की।
शहर के विभिन्न प्रमुख मस्जिदों और ईदगाहों में अलग-अलग समय पर ईद की नमाज अदा की गई। ईदगाह मस्जिद में सुबह 7:30 बजे पहली नमाज हुई, इसके बाद जामा मस्जिद में 7:45 बजे, ताज-उल-मसाजिद में 8 बजे और मोती मस्जिद में 8:15 बजे नमाज अदा की गई। ताज-उल-मसाजिद में मौलाना हस्सान की सरपरस्ती में विशेष दुआ का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
काली पट्टी बांधकर जताया विरोध
कुछ स्थानों पर नमाजियों ने काली पट्टी बांधकर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। नमाज के बाद ईरान के समर्थन में और इजरायल व अमेरिका के विरोध में नारे लगाए गए।
शिया और सुन्नी समुदाय के अलग इंतजाम
भोपाल में शिया और सुन्नी समुदाय के लिए नमाज के अलग-अलग इंतजाम किए गए थे। शिया समुदाय ने फतेहगढ़ इमामबाड़ा में ‘काली ईद’ के रूप में आयोजन किया, जहां लोग सादे और पुराने कपड़ों में पहुंचे और गम का माहौल दिखाई दिया।
श्रद्धांजलि और शांति की अपील
कुछ स्थानों पर ईरान के धार्मिक नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की तस्वीर रखकर श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई। हालांकि, अधिकांश स्थानों पर नमाज के बाद देश में अमन-चैन और भाईचारे के लिए दुआएं भी मांगी गईं।
ईद के इस अवसर पर जहां एक ओर धार्मिक आस्था और परंपरा का पालन हुआ, वहीं कुछ जगहों पर वैश्विक मुद्दों को लेकर लोगों की भावनाएं भी सामने आईं।