अंबिकापुर। हसदेव अरण्य क्षेत्र में मंगलवार को उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत भूरिया और छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति आयोग के पूर्व अध्यक्ष भानुप्रताप सिंह को स्थानीय ग्रामीणों ने इलाके में प्रवेश करने से रोक दिया। दोनों नेता उदयपुर क्षेत्र के हसदेव अरण्य पहुंचे थे, लेकिन पहले से मौजूद ग्रामीणों ने उनका कड़ा विरोध किया।

ग्रामीणों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हसदेव अरण्य जैसे संवेदनशील वन क्षेत्र में किसी भी तरह की राजनीतिक गतिविधि स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने नेताओं से अपील की कि उनके जल, जंगल और जमीन से जुड़े संघर्षों का राजनीतिक उपयोग न किया जाए। विरोध के दौरान ग्रामीणों ने नारेबाजी भी की, जिसके चलते दोनों नेताओं को बिना क्षेत्र में प्रवेश किए ही वापस लौटना पड़ा।
घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय प्रशासन और पुलिस अलर्ट रही, हालांकि स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण बनी रही। इस घटनाक्रम के बाद हसदेव अरण्य में चल रहे जनआंदोलन और राजनीतिक दखल को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है।