गरियाबंद, 16 अक्टूबर 2025। गरियाबंद के मैनपुर में हाथी प्रभावित इलाके के लगभग 30 गांवों के ग्रामीण और प्रभावित किसान आज सड़कों पर उतर आए। उन्होंने वन कार्यालय का घेराव किया और हाथी प्रभावित क्षेत्र को सुरक्षित बनाने, उचित मुआवजा और अन्य 10 सूत्रीय मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। करीब 2,000 महिला-पुरुष पहले मैनपुर दुर्गा मंच के सामने एकत्र हुए और रैली के रूप में वन कार्यालय पहुंचे।

हालांकि, तैनात भारी पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों को प्रवेश द्वार पर रोक दिया। इस दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच झूमाझटकी हुई। बाद में उपनिदेशक वरुण जैन समेत अन्य वन अधिकारी परिसर के बाहर आए और ग्रामीणों से बातचीत की। वरुण जैन ने हाथियों के विचरण को नियंत्रित करने, सुरक्षा के उपायों, रोजगार सृजन, 24 घंटे सक्रिय ट्रैकर और हाथी मित्रों के प्रयासों के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की मांगों से शासन स्तर पर अवगत कराया जाएगा।

ग्रामीणों का कहना है कि मृतक परिवारों के लिए 50 लाख रुपए और फसल नुकसान के लिए प्रति एकड़ 75 हजार रुपये का मुआवजा मिलना चाहिए। जिला पंचायत सदस्य लोकेश्वरी नेताम और संजय नेताम ने चेतावनी दी कि अगर 15 दिनों में उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो हर गांव में आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में विभाग केवल 9 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दे रहा है।
ग्रामीणों ने कहा कि हाथी विचरण इलाके का दायरा स्पष्ट नहीं है, जिससे दिन-रात भय का माहौल है। ज्ञापन सौंपा गया, लेकिन अफसरों से केवल आश्वासन मिला। आंदोलन की रणनीति आगे भी तय की जाएगी।