भिलाईनगर, 15 जनवरी 2026: भिलाई नगर निगम एक बार फिर अपनी कार्यप्रणाली को लेकर विवादों के घेरे में है। इस बार शहर के विभिन्न क्षेत्रों में 11 अलग-अलग स्थानों पर सार्वजनिक डोम शेड निर्माण के लिए जारी की गई लगभग 2.30 करोड़ रुपये की निविदा को एक साथ जोड़ने से स्थानीय ठेकेदारों में रोष है।
शासन द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट रूप से 11 अलग-अलग कार्यों की सूची दी गई थी, लेकिन नगर निगम भिलाई के अधिकारियों ने इन सभी कार्यों को अलग-अलग निविदा आमंत्रित करने के बजाय एक ही सिंगल निविदा में जोड़कर जारी कर दिया है। इस निर्णय से डी और सी ग्रेड के ठेकेदार स्वतः निविदा प्रक्रिया से बाहर हो गए हैं, जिससे प्रतिस्पर्धा सीमित होने की आशंका है।
स्थानीय ठेकेदारों का आरोप है कि किसी खास व्यक्ति या पसंदीदा ठेकेदार को लाभ पहुंचाने के लिए यह कदम उठाया गया है। यदि सभी कार्य अलग-अलग निविदा में निकाले जाते, तो अधिक संख्या में ठेकेदार भाग ले सकते थे तथा निगम को कम दरों पर बेहतर कार्य मिलने की संभावना रहती।
पीडब्ल्यूडी पंजीयन नियमों के अनुसार, डी श्रेणी के ठेकेदार 1 करोड़ रुपये तक, सी श्रेणी के ठेकेदार 2 करोड़ रुपये तक तथा बी श्रेणी के ठेकेदार 2 से 10 करोड़ रुपये तक के कार्यों में भाग लेने के पात्र होते हैं। 11 कार्यों को जोड़कर 2.30 करोड़ रुपये की एकल निविदा जारी करने से बड़ी संख्या में स्थानीय डी एवं सी श्रेणी के ठेकेदार निविदा प्रक्रिया से वंचित रह गए हैं।
नगर निगम की इस कार्रवाई ने पारदर्शिता और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ठेकेदारों ने मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों से की है तथा उचित जांच की मांग की है।