रायपुर। संयुक्त किसान मोर्चा, छत्तीसगढ़ ने अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा है। किसान संगठनों ने सरकार से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर अपनी प्रतिबद्धता पूरी करने और किसानों से जुड़े अहम मुद्दों के समाधान की मांग की है।

किसानों की प्रमुख मांगों में धान, मक्का, दलहन, तिलहन और सब्जियों की फसलों को लागत मूल्य से डेढ़ गुना अधिक दर पर कानूनी गारंटी के साथ MSP देने की मांग शामिल है। इसके साथ ही धान का समर्थन मूल्य ₹3100 प्रति क्विंटल तय करने तथा वर्ष 2025-26 के लिए इसे ₹3217 प्रति क्विंटल करने की मांग की गई है।
ज्ञापन में किसान संगठनों ने कृषि ऋण माफी, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत फसल नुकसान का आकलन ग्राम इकाई के आधार पर करने और प्रभावित किसानों को तत्काल मुआवजा देने की मांग रखी है। इसके अलावा हाफ बिजली बिल योजना को बिना किसी शर्त के लागू करने, बकाया बिजली बिल माफ करने और स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया रोकने की भी मांग की गई है।
किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया, तो संयुक्त किसान मोर्चा राज्यव्यापी उग्र आंदोलन शुरू करेगा।
ज्ञापन संयुक्त किसान मोर्चा, छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल द्वारा सौंपा गया, जिसमें अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा, छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ, आदिवासी भारत महासंघ और भारतीय किसान यूनियन सहित कई संगठनों के पदाधिकारी शामिल रहे।


