बैकुंठपुर : केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार की मंशा के अनुरूप और पुलिस मुख्यालय रायपुर के आदेशानुसार, कोरिया जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। पुलिस अधीक्षक रवि कुमार कुर्रे की पहल पर और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती सुरेशा चौबे व उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय श्याम मधुकर के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे ‘राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह’ (1 से 31 जनवरी 2026) के दौरान बुधवार को वाहन चालकों के लिए विशेष नेत्र परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पटना में लगा शिविर
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रशांत सिंह और खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ. श्रेष्ठ मिश्रा के सहयोग से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पटना में यह शिविर आयोजित हुआ। इसमें राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 43 पर चलने वाले बस, ट्रक, ट्रैक्टर, पिकअप और ऑटो चालकों की आंखों की बारीकी से जांच की गई।
जांच के आंकड़े और विशेषज्ञों की सलाह
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. मधुरिमा पैकरा और उनकी टीम (गणेश प्रसाद गौतम, वीरेंद्र साहू, पुष्पेंद्र पटेल) ने कुल 115 वाहन चालकों का परीक्षण किया। जांच के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए:

13 चालकों की दूर की दृष्टि कमजोर पाई गई।
14 चालकों की पास की नजर कमजोर मिली।
2 चालकों में ‘कलर ब्लाइंडनेस’ (रंग अंधता) की समस्या देखी गई।
जिन चालकों की नजर कमजोर पाई गई, उन्हें पुलिस और डॉक्टरों ने सख्त हिदायत दी कि वे पावर का चश्मा बनवाने के बाद ही वाहन चलाएं, ताकि सड़क हादसों को रोका जा सके।
महीने भर चलेगा जागरूकता अभियान
गौरतलब है कि इस पूरे माह यातायात विभाग द्वारा जागरूकता रथ, बैनर, पोस्टर और पंपलेट के माध्यम से लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। शिविर के दौरान यातायात प्रभारी उप निरीक्षक बीरबल राजवाड़े सहित पुलिस विभाग के कई अधिकारी और शासकीय महाविद्यालय पटना के राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के स्वयंसेवक प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।