सरायपाली – मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत सरायपाली विधानसभा क्षेत्र के ग्राम जोगीडीपा में विधायक चातुरी नंद ने चौपाल लगाकर ग्रामीणों एवं मनरेगा मजदूरों से सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार द्वारा लाए गए नए वीबी जी राम जी विधेयक को मजदूरों के हितों के खिलाफ बताते हुए उस पर तीखा प्रहार किया।
विधायक चातुरी नंद ने कहा कि मनरेगा योजना महात्मा गांधी के विचारों पर आधारित ग्रामीण रोजगार की गारंटी देने वाली सबसे मजबूत सामाजिक सुरक्षा योजना है, लेकिन नए कानून के माध्यम से इसकी मूल भावना को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने चौपाल में उपस्थित मजदूरों एवं ग्रामीणों को विकसित भारत–रोज़गार और आजीविका के लिये गारंटी मिशन (ग्रामीण) [VB-G RAM G] विधेयक, 2025 कानून में निहित उन कमियों और प्रावधानों की जानकारी दी, जिनसे काम की गारंटी, मजदूरी भुगतान तथा मजदूरों के संवैधानिक अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि नए नियमों से मजदूरों को समय पर रोजगार और पारिश्रमिक मिलने में कठिनाई होगी तथा राज्यों के अधिकारों में कटौती कर मनरेगा को पूरी तरह केंद्र सरकार के नियंत्रण में लाने की साजिश की जा रही है। यह बदलाव सीधे तौर पर गरीब, किसान और मजदूर वर्ग के खिलाफ है।
विधायक चातुरी नंद ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कांग्रेस पार्टी मजदूरों के अधिकारों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी और मनरेगा को कमजोर करने के हर प्रयास का सड़क से लेकर सदन तक पुरजोर विरोध करेगी। उन्होंने ग्रामीणों से जागरूक रहने और इस जनविरोधी कानून के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष करने की अपील की।
कार्यक्रम में किसान कांग्रेस के प्रदेश महासचिव सुरेश पटेल, ग्राम पंचायत मुंधा के सरपंच गनपत बरिहा, कांग्रेस नेता कन्हैया चौहान, सतीश चौहान, उपसरपंच भरत पटेल, जयंत यादव, प्रियांशु चौहान सहित बड़ी संख्या में मनरेगा मजदूर एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं और सुझाव भी रखे, जिन पर विधायक ने गंभीरता से संज्ञान लेते हुए उनके समाधान हेतु हरसंभव प्रयास का भरोसा दिलाया।