अम्बिकापुर, 24 फरवरी 2026
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित “कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान” के अंतर्गत मास्टर ट्रेनर्स का द्विदिवसीय प्रशिक्षण दिनांक 23 एवं 24 फरवरी 2026 को सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। उक्त प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य सरगुजा संभाग के चारों जिलों में चिन्हित SAM (Severe Acute Malnutrition) एवं MAM (Moderate Acute Malnutrition) श्रेणी के बच्चों को सामान्य श्रेणी में लाने हेतु प्रभावी रणनीति, समन्वय एवं क्रियान्वयन क्षमता का विकास करना था। यह अभियान कुपोषण उन्मूलन की दिशा में राज्य शासन की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से सामुदायिक सहभागिता, विभागीय समन्वय एवं लक्षित हस्तक्षेप के द्वारा ठोस परिणाम प्राप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
प्रशिक्षण के प्रथम दिवस में “कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान” की पृष्ठभूमि, आवश्यकता एवं भावी कार्ययोजना पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई तथा राज्य में कुपोषण की वर्तमान स्थिति एवं चुनौतियों का विश्लेषण प्रस्तुत किया गया। इसके साथ ही पोषण एवं स्वास्थ्य से संबंधित विभिन्न विभागीय योजनाओं के अभिसरण (Convergence) के माध्यम से समग्र पोषण सुधार की रणनीति स्पष्ट की गई। कार्यक्रम के प्रमुख फोकस बिंदुओं एवं लक्षित हितग्राही वर्ग विशेषतः SAM एवं MAM बच्चों पर केंद्रित दृष्टिकोण को रेखांकित किया गया। समुदाय आधारित प्रभावी क्रियान्वयन हेतु समूह (सामूह) एवं दूतों के चयन की प्रक्रिया, उसकी पारदर्शिता एवं महत्व पर मार्गदर्शन प्रदान किया गया। अतिरिक्त आहार की अवधारणा, उसकी वैज्ञानिक उपयोगिता तथा कार्यक्रम के उद्देश्यों की प्राप्ति में उसकी भूमिका पर भी विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण को सहभागितापूर्ण बनाते हुए विषयगत समूह चर्चा आयोजित की गई तथा प्रतिभागियों को फील्ड स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने हेतु गृहकार्य प्रदान किया गया।
उक्त प्रशिक्षण महिला एवं बाल विकास संचालनालय से विशेषज्ञ दल के सदस्य श्री सुभाषिष सेन, श्री शवरत नक़वी एवं डॉ. अंकुर जैन द्वारा प्रदान किया गया। विशेषज्ञों द्वारा कार्यक्रम के तकनीकी, प्रबंधकीय एवं व्यवहारिक पहलुओं पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया।
समापन सत्र में जिला कार्यक्रम अधिकारी, सरगुजा, श्री प्रधान द्वारा सभी प्रतिभागियों को सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूर्ण करने पर बधाई दी गई। उन्होंने अपेक्षा व्यक्त की कि प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स अपने-अपने जिलों में समर्पण एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते हुए कुपोषण उन्मूलन के लक्ष्य की प्राप्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे।
यह द्विदिवसीय प्रशिक्षण सरगुजा संभाग में कुपोषण उन्मूलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा तथा “कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़” के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु विभाग की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करेगा।