दिल्ली : दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद में आज जुमे की नमाज कड़ी सुरक्षा और भारी पहरे के बीच अदा की जाएगी। 6 नवंबर की रात को अवैध अतिक्रमण हटाने के दौरान हुई हिंसा और पथराव के बाद इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। किसी भी संभावित अप्रिय घटना को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस के साथ-साथ पैरामिलिट्री फोर्स की कई टुकड़ियों को मैदान में उतारा गया है।
शांति बनाए रखने की बड़ी चुनौती
मस्जिद के मुख्य संरक्षक नजमुद्दीन चौधरी ने स्थानीय निवासियों से शांति और संयम बनाए रखने की भावुक अपील की है। उन्होंने लोगों से कहा है कि वे भीड़ का हिस्सा बनने से बचें और संभव हो तो अपने घरों या आसपास की छोटी मस्जिदों में ही नमाज अदा करें।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
चप्पे-चप्पे पर पहरा: पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर दी है और आने-जाने वालों पर पैनी नजर रखी जा रही है।
धारा 163 लागू: कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 (जो पहले धारा 144 थी) लागू है, जिसके तहत समूह में एकत्र होने पर रोक है।
ड्रोन से निगरानी: संवेदनशील गलियों और छतों की निगरानी के लिए ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
हिंसा की पृष्ठभूमि
यह तनाव तब शुरू हुआ जब दिल्ली नगर निगम (MCD) की टीम पुलिस बल के साथ अवैध निर्माण ढहाने पहुंची थी। उस दौरान उग्र भीड़ ने टीम पर पथराव कर दिया था, जिसमें कई पुलिसकर्मी जख्मी हुए थे। आज की नमाज के मद्देनजर प्रशासन ने साफ कर दिया है कि कानून तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।