बीजापुर। बस्तर के गौरवशाली भूमकाल विद्रोह 1910 के शहीद नायकों की स्मृति में धनोरा के मूसालूर चौक स्थित वीर शहीद गुण्डाधुर की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर सर्व आदिवासी समाज के पदाधिकारियों, समाज प्रमुखों और ग्रामीणों ने एकत्र होकर शहीदों के साहस और बलिदान को याद किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक पूजा-अर्चना से हुआ। देव एवं माटी पुजारियों ने सेवा अर्जी अर्पित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद समाज प्रतिनिधियों ने गुण्डाधुर की प्रतिमा पर महुआ फूल चढ़ाकर श्रद्धासुमन अर्पित किए और भूमकाल विद्रोह के वीरों को नमन किया।
सभा के दौरान वक्ताओं ने कहा कि भूमकाल विद्रोह आदिवासी समाज के स्वाभिमान, संस्कृति और अधिकारों की रक्षा की ऐतिहासिक मिसाल है। उन्होंने बस्तर की जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प दोहराया।
साथ ही, आदिवासी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को सहेज कर रखने तथा नई पीढ़ी को शहीदों के संघर्ष से परिचित कराने की बात भी कही गई। श्रद्धांजलि सभा के माध्यम से सामाजिक एकता और जागरूकता का संदेश दिया गया।
वीर शहीद गुंडाधुर को दी गई श्रद्धांजलि, भूमकाल विद्रोह के नायकों के बलिदान को किया गया याद

11
Feb