वन विभाग के अधिकारियों पर सांठ गांठ करने का लग रहा आरोप कार्यवाही करने में छूट रहे विभाग के पसीने
सक्ती – जिले के ग्राम पंचायत तुषार और जैजैपुर के आरा मिल में बड़े पैमाने पर अर्जुन पेड़ों की कथित अवैध कटाई कर भंडारण करने का मामला सामने आया है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार हजारों ट्रैक्टर लकड़ी काटकर ग्राम तुषार और जैजैपुर स्थित आरा मिलों में भंडारण की जा रही है ग्रामीणों का आरोप है कि यह पूरा कारोबार लंबे समय से संचालित हो रहा है और इसमें संबंधित विभाग के कुछ अधिकारियों की कथित मिलीभगत भी शामिल है।
ग्रामीणों का कहना है कि अर्जुन पेड़ पर्यावरण की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और इनके संरक्षण के लिए सरकार द्वारा नियम निर्धारित किए गए हैं। इसके बावजूद खुलेआम कटाई और भंडारण किया जाना कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। आरोप है कि आरा मिल संचालकों द्वारा कुछ अधिकारियों के साथ सांठगांठ कर इस गतिविधि को अंजाम दिया जा रहा है, जिससे शासन को राजस्व हानि और पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है।

स्थानीय निवासियों के अनुसार, दिन-रात ट्रैक्टरों के माध्यम से लकड़ी का परिवहन जारी है, लेकिन जिम्मेदार विभाग द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो क्षेत्र का हरित आवरण गंभीर रूप से प्रभावित हो सकता है।
वन विभाग के अधिकारियों से संपर्क करने पर उन्होंने बताया कि मामले की जानकारी संज्ञान में आई है और जांच के उपरांत आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, फिलहाल किसी ठोस कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पर्यावरण प्रेमियों और सामाजिक संगठनों ने इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि अवैध कटाई और भ्रष्टाचार के आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित आरा मिल संचालकों एवं दोषी अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले में कितनी तत्परता दिखाता है और क्या जांच के बाद दोषियों पर प्रभावी कार्रवाई होती है।