जीवन में करियर की चिंता, अनजाना डर या असुरक्षा की भावना इंसान को मानसिक रूप से कमजोर कर देती है। सनातन परंपरा में इन समस्याओं के समाधान के लिए हनुमान जी की उपासना को सर्वोत्तम माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, संकट मोचन हनुमान जी का एक विशेष गुप्त मंत्र ऐसा है, जिसका मात्र 11 बार श्रद्धापूर्वक जाप करने से बड़े से बड़ा डर दूर हो जाता है।
हनुमान जी को कलयुग का जागृत देव माना जाता है, जो अपने भक्तों की पुकार शीघ्र सुनते हैं। पुराणों और विद्वानों के अनुसार, हनुमान बाहुक में उल्लेखित एक विशेष मंत्र भय निवारण के लिए अत्यंत प्रभावशाली है। वह मंत्र इस प्रकार है:
अंजनीगर्भ संभूतं कपीन्द्रं सचिवोत्तमम्। रामप्रियं नमस्तुभ्यं हनुमन् रक्ष सर्वदा॥
इस मंत्र का अर्थ है कि माता अंजनी के गर्भ से उत्पन्न, वानरों के राजा और प्रभु श्री राम के प्रिय हनुमान जी को मैं नमन करता हूं, वे हर परिस्थिति में मेरी रक्षा करें। ज्योतिष शास्त्र और धार्मिक ग्रंथों जैसे विनय पत्रिका में भी इस बात का उल्लेख मिलता है कि हनुमान जी की शरण में जाने वाले व्यक्ति का भय समाप्त हो जाता है।
अध्यात्म में 11 अंक का विशेष महत्व है क्योंकि हनुमान जी को भगवान शिव का 11वां रुद्रावतार माना जाता है। जानकारों का कहना है कि शांत मन से 11 बार इस मंत्र का जाप करने से मस्तिष्क में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। यह प्रक्रिया तनाव बढ़ाने वाले हार्मोन के स्तर को कम कर आत्मविश्वास जगाने में सहायक होती है। विशेषकर मंगल या शनि जनित मानसिक अशांति के समय यह मंत्र एक सुरक्षा कवच की तरह कार्य करता है।