सिडनी में शार्क अटैक से हड़कंप, 48 घंटे में कई हमले; बीच खाली कराने के निर्देश

आज की जनधारा के प्रधान संपादक सुभाष मिश्र इन दिनों ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर हैं। इस दौरान सिडनी के समुद्र तट पर सैर के समय उन्होंने वहां लगातार सामने आ रहे शार्क अटैक की घटनाओं का गंभीरता से अवलोकन किया। स्थानीय प्रशासन, लाइफगार्ड्स और समुद्री विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर उन्होंने बताया कि इस समय शार्क अटैक क्यों बढ़ रहे हैं और आम लोगों को इन हमलों से बचने के लिए किन सावधानियों का पालन करना चाहिए।

ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर में पिछले दो दिनों के भीतर सामने आए शार्क अटैक के मामलों ने दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। न्यू साउथ वेल्स के सिडनी और आसपास के तटीय इलाकों में 48 घंटे के भीतर कई लोगों पर शार्क के हमले की पुष्टि हुई है। इनमें एक नाबालिग और एक सर्फर गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन कई प्रमुख समुद्री तटों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है और लोगों को समुद्र से दूर रहने की सलाह दी है।

जानकारी के अनुसार, हाल के दिनों में कोजी, नॉर्दर्न बीचेज़ सहित कई इलाकों में बुल शार्क की मौजूदगी दर्ज की गई है। शार्क दिखते ही लाइफगार्ड्स ने तुरंत सायरन बजाकर तैराकों और सर्फर्स को पानी से बाहर निकाला। कई जगहों पर पूरे समुद्र तट को खाली कराया गया। प्रशासन का कहना है कि स्थिति सामान्य होने तक सर्फिंग और समुद्र में तैराकी पर रोक जारी रहेगी।

इस सीजन में क्यों बढ़ जाते हैं शार्क अटैक?
समुद्री विशेषज्ञों के हवाले से सुभाष मिश्र ने बताया कि इस समय ऑस्ट्रेलिया में गर्मी के साथ-साथ भारी बारिश हो रही है। बारिश के कारण नदियों और नालों का मटमैला पानी समुद्र में मिल रहा है, जिससे समुद्र की दृश्यता कम हो जाती है। ऐसे हालात में छोटी मछलियां तट के पास आ जाती हैं और उनके पीछे बुल शार्क जैसी खतरनाक प्रजातियां भी किनारे की ओर पहुंच जाती हैं।

मटमैले पानी में शार्क इंसान और अपने प्राकृतिक शिकार के बीच फर्क नहीं कर पाती, जिससे गलती से हमले की आशंका बढ़ जाती है। इसके अलावा गर्म पानी और इस मौसम की प्राकृतिक परिस्थितियां शार्क की गतिविधियों को और तेज कर देती हैं। यही कारण है कि हर साल इसी सीजन में शार्क अटैक की घटनाएं बढ़ जाती हैं।

आम लोगों को क्यों दी जा रही है समुद्र से दूर रहने की सलाह?
सुभाष मिश्र के अनुसार, स्थानीय प्रशासन और लाइफगार्ड्स लगातार यह चेतावनी दे रहे हैं कि भारी बारिश के बाद कम से कम 24 से 72 घंटे तक समुद्र में उतरना खतरनाक हो सकता है। खासकर सुबह और शाम के समय, जब शार्क ज्यादा सक्रिय रहती हैं, तब जोखिम और बढ़ जाता है। इसी वजह से लोगों को सर्फिंग से बचने और समुद्री किनारों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।

अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि समुद्र में उतरने से पहले शार्क अलर्ट, चेतावनी झंडों और लाइफगार्ड्स के निर्देशों का पालन करना बेहद जरूरी है। फिलहाल सिडनी के कई बीचों पर निगरानी बढ़ा दी गई है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।

प्रशासन ने नागरिकों और पर्यटकों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, लेकिन सुरक्षा निर्देशों का सख्ती से पालन करें। जब तक स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाती, तब तक समुद्र से दूरी बनाए रखना ही सबसे सुरक्षित विकल्प माना जा रहा है।

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