मुंबई। हिंदू धर्म ग्रंथों में माता सती को आदि शक्ति का पहला अवतार माना गया है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, राजा दक्ष की पुत्री सती ने अपने पिता की इच्छा के विरुद्ध भगवान शिव से विवाह किया था। पिता द्वारा पति के अपमान से आहत होकर उन्होंने यज्ञ कुंड में आत्मदाह कर लिया, जिसके बाद भगवान शिव उनके पार्थिव शरीर को लेकर तांडव करने लगे। मान्यता है कि जहाँ-जहाँ माता सती के अंग गिरे, वहाँ शक्तिपीठों की स्थापना हुई। इन्हीं शक्तिपीठों की महिमा और इतिहास को दर्शाती वेब सीरीज ‘सर्वम शक्ति मयम’ इन दिनों ओटीटी पर चर्चा का केंद्र बनी हुई है।
वर्ष 2023 में रिलीज हुई इस सीरीज की कहानी मुख्य रूप से आस्था और तर्क के बीच के द्वंद्व को दर्शाती है। सीरीज का कथानक माधव (संजय सूरी) नामक एक व्यक्ति के इर्द-गिर्द बुना गया है, जो अपने व्यापार में लगातार असफल हो रहा है। आर्थिक और पारिवारिक कलह से जूझ रहे माधव को उसका एक मित्र 18 महाशक्तिपीठों के दर्शन करने की सलाह देता है। शुरुआत में अनिच्छुक होने के बावजूद माधव अपने परिवार के साथ इस यात्रा पर निकल पड़ता है।
इस यात्रा के दौरान उसकी मुलाकात एक नास्तिक लेखक (समीर सोनी) से होती है, जो शक्तिपीठों के खिलाफ एक किताब लिखने के उद्देश्य से वहां आया है। जैसे-जैसे यह आध्यात्मिक यात्रा आगे बढ़ती है, माधव और उस लेखक के जीवन में कई अप्रत्याशित बदलाव आते हैं जो उन्हें ईश्वरीय शक्ति और चमत्कारों से अवगत कराते हैं। यह सीरीज दर्शकों को भारत के विभिन्न शक्तिपीठों के दर्शन कराने के साथ-साथ एक भावनात्मक यात्रा पर भी ले जाती है।
10 एपिसोड वाली इस सीरीज का निर्देशन प्रदीप मद्दली ने किया है और इसके निर्माता बीवीएस रवि हैं। अभिनय के मोर्चे पर संजय सूरी, समीर सोनी और प्रियामणि जैसे मंझे हुए कलाकारों ने मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं। समीक्षकों और दर्शकों के बीच इस सीरीज को काफी पसंद किया गया है, जिसका प्रमाण इसकी 8.8 आईएमडीबी रेटिंग है। यदि आप आध्यात्मिकता और विज्ञान के बीच के टकराव को देखना चाहते हैं, तो यह सीरीज ज़ी-5 (ZEE5) पर उपलब्ध है।