चारामा महानदी के तटो से विभिन्न ग्रामो से हो रहे रैत के लगातार उत्खन्नन से नदियो और महानदी पर बने पुलो का आस्तित्व खतरे में आ गया है। तो वही दुसरी ओर बडे बडे हाईवा मे ओव्हरलोड होकर जाती रेत आम नागरिको के लिए मुसीबत बनती जा रही है। सडको पर फैली रेत और उससे उडती घुल लोगो के व्यापार, और सेहत पर बुरा असर डाल रही है। जिससे परेशान नगरवासियो ने मंगलवार को रेत के आवाजवाही मार्ग पर धरना दिया। परेशान नागरिक कडी धुप मे सुबह से देर रात तक धरने पर बैठे रहे। जिसके चलते रेत से मरी हाईवा की कतारें लग गई। परेशान नगरवासियो ने पुर्व मे भी अपने स्तर पर वाहनो को रोकने का प्रयास किया, लेकिन जब कोई रास्ता नजर नही आया तब नगरवासी मंगलवार की सुबह एकत्रित होकर आवाजवाही मार्ग पर धरने पर बैठ गये, धरने पर उनके साथ भाजपा और काग्रेस के जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए। नगर के कुछ पार्षद भी धरने मे शामिल हुए। धरने पर बैठे नगरवासियो ने बताया कि जिस मार्ग से रेत परिवहन किया जा रहा है। उस मार्ग पर लगातार नये मकानो का निर्माण कार्य पुर्ण हो चुका है। और रंग रोगन का कार्य चालु है, लगातार रेत परिवहन से रंग रोगन का कार्य प्रभावित हो रहा है। वही हाईवा से फैलती रेत सडको पर गिरकर लोगो को आँखो और सेहत पर बुरा असर डाल रही है। सडको पर फैली रेत से कई बार दो पहिया वाहन अनियत्रित होकर गिर रहे है। जो हादसो का कारण बन रहे है।

वही लगातार महानदी के अलग अलग गाँव चारामा, भिरौद, करिहा, हाराडुला, चिनौरी वासनवाही से लगातार रेत निकाला जा रहा है। जिसमे भिरौद, करिहा, हाराडुला, से निकलने वाले हाईवा महानदी पुल से होकर गुजर रहे है। एक दिन में 100 से 200 हाईवा का परिचालन प्रतिदिन पुल से हो रहा है। जिससे महानदी पुल पर भी खतरे की घंटी नजर आ रही है।पुल का बसे कमजोर हो रहा हैं और ऐसे में कभी भी पुल ढह सकता है। जिसका खामियाजा नदी उपपार के गाँवो को उठाना पडेगा। पहले ही हाराडुला पुल ध्वस्त हो चुका है। हाईवा के अलावा प्रतिदिन 200 से ट्रेक्टर से भी रेत का परिवहन पुल से होता है। वही लगातार हाईवा के चलने से ग्रामीण सडके पुरी ध्वस्त हो चुकी है। जितनी खदाने चल रही लगभग सभी अवैध है और खदानो को भाजपा और कांग्रेस पार्टी के नेताओ का संरक्षण’ मिला हुआ है। जिसके चलते आम नागरिको की समस्याओ का कोई अधिकारी भी समाधान नहीं निकाल पा रहे है। सत्ता और नेताओ के दवाब में अधिकारी चुप्पी साधकर तमाशा देख रहे है। हाईवे पर दो पहिया, पैदल और साईकिल से गुजरने वाले आम नागरिक परेशान है, नेता और अधिकारी मस्त है। धरने पर नगरवासियो को बैठने की सुचना मिलने पर नायाब तहसीलदार भी धरना स्थल पर पहुँचे, नगरवासियो ने अपनी समस्याएँ उन्हे बताई, लेकिन अधिकारी बिना किसी समस्या का समाधान बताएँ धरना स्थल से चले गये। लेकिन नगरवासी देर रात तक धरने पर डटे रहे । नगरवासियो ने कहाँ कि अब इस मार्ग से रेत की अवाजवाही नही होने देगे और पुर्णतः इस मार्ग से अवाजवाही को बंद किया जायेगा।