भिलाई । दुर्ग यातायात पुलिस द्वारा भिलाई के रिसाली डीपीएस चौक, सेक्टर-10 चौक सहित टाउनशिप एरिया के कई प्रमुख मार्गों पर पिछले कुछ दिनों से सड़क के बीचों-बीच अस्थायी बैरिकेड्स लगाए गए हैं। इन बैरिकेड्स को सड़क के मध्य में ही छोड़ दिए जाने से आम लोगों और वाहन चालकों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है यहां तक की दुर्घटनाएं भी हो रही है । वहीं यातायात पुलिस का कहना है कि यह व्यवस्था सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक नियंत्रण को ध्यान में रखकर की गई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, रिसाली डीपीएस चौक और सेक्टर-10 चौक इसके अलावा सभी टाउनशिप एरिया में जैसे व्यस्त मार्गों पर अचानक लगाए गए बैरिकेड्स के कारण वाहन चालकों को यू-टर्न लेने मेँ परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर रात के व्यस्त समय में दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कुछ वाहन चालकों अपना नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि कई जगह बैरिकेड्स इस तरह से लगाए गए हैं कि रात के समय दूर से दिखाई नहीं देते, जिससे दुर्घटना का खतरा भी बढ़ जाता है। यदि इन स्थानों पर उचित संकेतक, रिफ्लेक्टर या चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं तो हादसों की आशंका कम हो सकती है।
हालांकि यातायात पुलिस का कहना है कि इन डिवाइडरों का मुख्य उद्देश्य सड़क पर अवैध यू-टर्न और गलत दिशा में वाहन चलाने की प्रवृत्ति को रोकना है। अक्सर देखा गया है कि वाहन चालक जल्दबाजी में बीच सड़क से ही यू-टर्न ले लेते हैं, जिससे दुर्घटनाएं होने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में अस्थायी बैरिकेड्स लगाकर ट्रैफिक को व्यवस्थित करने की कोशिश की जा रही है।
जनता को होने वाले नुकसान:
कई स्थानों पर लंबा चक्कर लगाकर जाना पड़ रहा है।
व्यस्त समय में ट्रैफिक जाम की स्थिति बन रही है।
रात में बैरिकेड्स स्पष्ट न दिखने से दुर्घटना का खतरा।
स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों को आवाजाही में दिक्कत।
संभावित फायदे:
गलत दिशा में वाहन चलाने और अवैध यू-टर्न पर रोक।
सड़क दुर्घटनाओं की संभावना में कमी।
ट्रैफिक को व्यवस्थित रखने में मदद।
व्यस्त चौराहों पर यातायात नियंत्रण आसान।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जहां डिवाइडर लगाए गए हैं वहां स्पष्ट संकेतक, रिफ्लेक्टर और ट्रैफिक बोर्ड लगाए जाएं, ताकि वाहन चालकों को पहले से जानकारी मिल सके। साथ ही जिन स्थानों पर डिवाइडर से अधिक परेशानी हो रही है, वहां स्थिति की समीक्षा कर आवश्यक सुधार किए जाएं।
यातायात विशेषज्ञों का मानना है कि यदि डिवाइडरों की सही योजना और पर्याप्त संकेतकों के साथ व्यवस्था की जाए तो इससे दुर्घटनाओं में कमी आ सकती है, लेकिन बिना पर्याप्त जानकारी और संकेतों के लगाए गए अवरोध लोगों के लिए परेशानी का कारण भी बन सकते हैं।
………………..
दुर्ग यातायात डीएसपी सदानंद बिंदराज ने बताया कि शहर में सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विशेष अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान अगले 6 महीने तक लगातार जारी रहेगा। अभियान के तहत टाउनशिप क्षेत्र के प्रमुख चौक-चौराहों और सड़कों पर बैरिकेडिंग व डिवाइडर लगाए गए हैं, ताकि वाहन चालकों को नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया जा सके।
डीएसपी ने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने के लिए जागरूक करना, चारपहिया वाहन चालकों को सीट बेल्ट लगाने के लिए प्रेरित करना तथा सभी से यातायात नियमों का कड़ाई से पालन कराना है। इसके साथ ही चौराहों पर वाहनों की जांच और दस्तावेजों का सत्यापन (वेरिफिकेशन) भी किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि कई बार वाहन चालक लापरवाही के कारण नियमों की अनदेखी करते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में इस अभियान के माध्यम से लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ आवश्यकतानुसार कार्रवाई भी की जाएगी। यातायात पुलिस की अपील है कि सभी वाहन चालक हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें तथा यातायात नियमों का पालन कर सुरक्षित यात्रा करें।
रिसाली डीपीएस चौक व सेक्टर-10 चौक के बीच सड़क पर लगाए गए डिवाइडर से बढ़ी परेशानी, सुरक्षा को लेकर प्रशासन का तर्क

08
Mar