नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को राज्यसभा में अपना कार्यकाल पूरा कर विदा हो रहे सांसदों को संबोधित किया। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा और शरद पवार जैसे वरिष्ठ नेताओं के योगदान की सराहना की। पीएम मोदी ने कहा कि इन नेताओं ने अपना आधा जीवन संसदीय कार्यप्रणाली को समर्पित कर दिया है, जिनसे नए सदस्यों को सदन के प्रति निष्ठा और उपस्थिति की सीख लेनी चाहिए।
प्रधानमंत्री ने वरिष्ठ सांसदों के लंबे अनुभव को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि सदन में चर्चा के दौरान कई कड़वे और मीठे अनुभव होते हैं। ऐसे अवसरों पर सभी सदस्य दलीय सीमाओं से ऊपर उठकर एक साझा भावना के साथ जुड़ते हैं। उन्होंने विदा हो रहे सदस्यों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि जो सदस्य दोबारा सदन में नहीं लौट रहे हैं, उन्हें यह याद रखना चाहिए कि राजनीति में कभी कोई पूर्ण विराम नहीं होता। वे समाज और सार्वजनिक जीवन में अपने अनुभवों के जरिए योगदान देना जारी रखेंगे।
इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में सक्रिय व्यक्ति देश सेवा के जुनून के कारण न तो कभी थकता है और न ही रिटायर होता है। पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा का जिक्र करते हुए खरगे ने चुटीले अंदाज में कहा कि वह उन्हें 54 वर्षों से जानते हैं और उनके साथ लंबा काम किया है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि देवेगौड़ा जी ने मोहब्बत हमारे साथ की, लेकिन शादी मोदी साहब के साथ कर ली।
प्रधानमंत्री ने अंत में सभी सांसदों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि सदन की चर्चाओं में हर सदस्य की एक अनूठी भूमिका रही है और उनके द्वारा दिया गया योगदान सदैव मूल्यवान रहेगा।