ऐतिहासिक नगरी कुँवरगढ़ के गौरवशाली इतिहास का होगा पुनरुद्धार; 31 मार्च से शुरू होगा तीन दिवसीय महोत्सव’;सजेगी कला और संस्कृति की महफ़िल

धरसीवां; कुँवरगढ़ का गौरवशाली इतिहास अब पन्नों से निकलकर धरातल पर एक नई पहचान बनाने जा रहा है। क्षेत्रीय विधायक श्री अनुज शर्मा की विशेष पहल और दूरगामी सोच के परिणामस्वरूप, नगर एवं क्षेत्र के इतिहास में पहली बार ‘कुँवरगढ़ महोत्सव’ का भव्य आयोजन 31 मार्च से 2 अप्रैल तक किया जा रहा है।
इस ऐतिहासिक महोत्सव का विधिवत शुभारंभ प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री माननीय श्री विष्णु देव साय के कर-कमलों द्वारा किया जाएगा। यह आयोजन न केवल क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का प्रयास है, बल्कि कुँवरगढ़ के विकास के लिए एक ‘स्वर्णिम अध्याय’ की शुरुआत भी है।
तीन दिवसीय इस महापर्व में छत्तीसगढ़ की माटी के लगभग 15 सुप्रसिद्ध और दिग्गज कलाकार अपनी प्रस्तुतियाँ देंगे। महोत्सव के दौरान लोक संगीत, नृत्य और पारंपरिक कलाओं का संगम देखने को मिलेगा, जो दर्शकों को राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता से रूबरू कराएगा।
महोत्सव की भव्यता को बढ़ाने के लिए आयोजन स्थल पर एक विशाल सामान्य मेला एवं व्यापार मेले का आयोजन भी किया जा रहा है। जहाँ एक ओर लोग मनोरंजन का आनंद ले सकेंगे, वहीं दूसरी ओर स्थानीय व्यापारियों और स्व-सहायता समूहों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन एवं विक्रय के लिए एक बड़ा मंच प्राप्त होगा।
कुँवरगढ़ की जनता में ख़ुशियों का माहौल, क्षेत्रवासियों ने ख़ुशी ज़ाहिर करते हुए कहा कि कुँवरगढ़ का गौरवशाली इतिहास अब वर्तमान के पन्नों पर अपनी चमक बिखेरने के लिए तैयार है। विधायक श्री अनुज शर्मा की विशेष पहल पर, क्षेत्र के इतिहास में पहली बार ‘कुँवरगढ़ महोत्सव’ का आयोजन होने जा रहा है। यह जानकर बहुत खुशी हुई कि कुँवरगढ़ के इतिहास को एक नई पहचान मिल रही है। यह आयोजन न केवल हमारी सांस्कृतिक पहचान को पुनर्जीवित करेगा, बल्कि स्थानीय व्यापार और पर्यटन को भी नई ऊंचाई देगा। वर्षों से उपेक्षित पड़े ऐतिहासिक गौरव को ‘कुँवरगढ़ महोत्सव’ के जरिए जो मंच मिल रहा है, वह हमारे विधायक श्रीं अनुज शर्मा जी की दूरगामी सोच का परिणाम है। जिन्होंने इस आवाज़ कों सदन पर उठाई और आज इसे हम हक़ीक़त पर देख रहें हैं। इस महोत्सव सें हमारी आने वाली पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़ सकेगी। इतिहास के पन्नों में दबे कुँवरगढ़ का गौरव अब जन-जन तक पहुँचेगा।
विधायक अनुज शर्मा ने भीं क्षेत्रवासियों से अपील की है कि इस प्रथम ‘कुँवरगढ़ महोत्सव’ में सपरिवार सम्मिलित होकर इसे ऐतिहासिक बनाएँ और अपनी गौरवशाली परंपराओं का हिस्सा बनें।

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